संभल के गैंगरेप-हत्या में 4 को उम्रकैद:हवनकुंड में जिंदा जला दिया था, हर दोषी पर 1.12 लाख का जुर्माना

संभल में गैंगरेप के बाद मंदिर के हवन कुंड में महिला को जिंदा जला दिया गया था। वारदात के 7 साल बाद आए फैसले में 4 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। साथ ही कोर्ट ने हर किसी पर एक लाख 12 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। पीड़ित परिवार ने सभी दोषियों को फांसी की सजा की मांग की थी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश ने बताया- जुर्माने में 50-50 हजार रुपए मिलाकर 2 लाख रुपए पीड़ित परिवार को दिए जाएंगे। बाकी की राशि सरकारी खजाने में जमा होगी। वहीं, सजा सुनाए जाने के बाद दोषियों ने कोर्ट के बाहर आते ही कहा कि हम निर्दोष हैं। हमने कुछ नहीं किया, हमें फंसाया गया है। इस मामले में एक आरोपी नाबालिग है। उसका अलग से ट्रायल हो रहा है। पुलिस चारों दोषियों को मुरादाबाद जिला कारागार से कोर्ट में लेकर आई थी। जानिए क्या हुआ था 13 जुलाई 2018 की रात संभल की तहसील गुन्नौर के थाना रजपुरा क्षेत्र के एक गांव में 25 साल की विवाहिता घर में अपने दो बच्चों के साथ थी, जबकि पति दिल्ली में मजदूरी करने गया था। 13 जुलाई 2018 की रात लगभग ढाई गांव के रहने वाले आराम सिंह, भोना उर्फ कुंवरपाल, गुल्लू उर्फ जयवीर, महावीर और एक नाबालिग लड़का महिला के घर में घुस गए। महिला की 7 साल की बच्ची के सामने बारी-बारी से गैंगरेप किया। महिला बेहोश हो गई तो सभी आरोपी छोड़कर भाग गए। होश में आने पर महिला ने अपने ममेरे भाई काे कॉल कर रोते हुए आपबीती बताई। जबतक भाई और बाकी परिजन मौके पर पहुंचे तब तक आरोपी दोबारा उसके घर पहुंचे। महिला को जबरिया घर से उठा ले गए। उसके घर से करीब 20 मीटर दूर एक मंदिर के हवनकुंड में डालकर उसे जिंदा जला दिया। ​​​​​​ परिजन पहुंचे तो गायब थी महिला जब ममेरा भाई परिवार के लोगों को लेकर महिला के घर पहुंचा तो वह घर पर नहीं थी। 7 साल की बच्ची रोते-रोते सो गई थी। रिश्तेदार उसे तलाशने लगे। मंदिर के हवनकुंड में उन लोगों ने आग देखी। पास गए तो देखा महिला जल रही थी।
यह खबर जंगल की आग की तरह पूरे गांव में फैल गई। देखते ही देखते काफी संख्या में लोग इकट्‌ठा हो गए। पूरे गांव में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई। एसपी आरएम भारद्वाज समेत कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। घर में महिला का कीपैड फोन और कपड़े पड़े मिले थे। जांच पड़ताल कर कपड़ों को भी लैब ले जाया गया। जहां जांच के दौरान महिला के कपड़ों पर सीमन मिला था। जिसके बाद डीएनए जांच हुई। एसपी का ट्रांसफर, एसओ समेत पूरी चौकी हुई थी सस्पेंड महिला के लास्ट कॉल के आधार पर आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। लेकिन शुरुआत में पुलिस इसे गैंगरेप मानने से इनकार करती रही। मामला सुर्खियों में आने के बाद सीएम ऑफिस ने सख्ती दिखाई। सीएम योगी के निर्देश के बाद एसपी ने रजपुरा थाने के थाना प्रभारी सहित पूरी चौकी को सस्पेंड कर दिया। पुलिस कप्तान का ट्रांसफर कर दिया गया। इसके बाद वहां आईपीएस अधिकारी यमुना प्रसाद को एसपी बनाकर भेजा गया। महिला की बेटी-ममेरे भाई ने दी गवाही सहायक जिला शासकीय एडवोकेट हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने बताया- ​​​​​​कोर्ट में ट्रायल के दौरान मृतका के ममेरे भाई और सात साल की बेटी प्रत्यक्ष गवाह रहे। उनकी गवाही ने केस में अहम भूमिका निभाई। आरोपियों के कपड़े बरामद कर फॉरेंसिक लैब भेजे गए थे। कपड़ों पर आरोपियों के कपड़ों पर सीमन के निशान पाए गए। पीड़िता व ममेरे भाई के बीच हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी रिकॉर्ड में ली गई। फास्ट ट्रैक कोर्ट में चला केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह ने आरोपी आराम सिंह, भोना उर्फ कुमरपाल, गुल्लू उर्फ जयवीर और महावीर को धारा 147, 148, 376डी, 302, 149, 201, 34 आईपीसी के अंतर्गत दोषी करार दिया गया। भाई बोला- फांसी की सजा मिले तो आत्मा काे शांति मिलेगी पीड़िता का पूरा परिवार न्यायालय से दोषियों को फांसी की सजा मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है। ममेरे भाई का कहना है कि दोषियों को फांसी मिलने से बहन की आत्मा को शांति मिलेगी। —————– ये खबर भी पढ़ें यूट्यूबर से लैंबॉर्गिनी-मर्सिडीज समेत 10Cr की कारें जब्त:दुबई में शादी के बाद से ED की नजर थी; कभी साइकिल पर चलता था, अब करोड़ों की संपत्ति यूपी के उन्नाव जिले का यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रडार पर है। जांच एजेंसी ने उनकी लैंबॉर्गिनी, BMW, मर्सिडीज और थार जब्त की है। इन लग्जरी कारों की कीमत 10 करोड़ रुपए बताई जा रही है। पूरी खबर पढ़ें

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