संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल ने शुक्रवार को बूंदी जिला परिषद और कलेक्ट्रेट कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालयों में व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने कार्यालय परिसर में साफ-सफाई और पुरानी फाइलों के सुव्यवस्थित रख-रखाव पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि पुरानी फाइलों का शीघ्र निपटारा किया जाए और अनुपयोगी सामग्री को नियमानुसार हटाया जाए। आरटीआई के लंबित प्रकरणों की अधिक संख्या पर संभागीय आयुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि वर्मा को नियमित रूप से अनुभागों का निरीक्षण करने और फाइलों के औसत निपटारे के समय में कमी लाने के लिए निर्देशित किया। संभागीय आयुक्त ने सांसद एवं विधायक कोष, डांग, माडा, और प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न अनुभागों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पात्र लाभार्थियों को वित्तीय सहायता जारी करने में हो रही देरी पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर जल्द सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का त्वरित समाधान कर आमजन को राहत पहुंचाने पर भी जोर दिया। इसके बाद, संभागीय आयुक्त ने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने सामान्य अनुभाग में फाइलों को व्यवस्थित करने और अनुपयोगी सामान के निपटारे की हिदायत दी। उन्होंने निर्देश दिए कि एसडीआरएफ मानदंडों के तहत स्वीकृत मरम्मत कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा किया जाए। खाद्य सुरक्षा के लंबित आवेदनों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को पात्र व्यक्तियों के आवेदनों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अंत में, उन्होंने ईवीएम वेयर हाउस का भी निरीक्षण किया और सुरक्षा मानकों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामकिशोर मीणा, उपखण्ड अधिकारी लक्ष्मीकांत मीणा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


