बालाघाट के लांजी क्षेत्र की पंचायत टेमनी के चौंदाटोला गांव में संभाजी महाराज की प्रतिमा स्थापना स्थल पर तोड़फोड़ के बाद तनाव का माहौल है। इस घटना के बाद कुनबी समाज के लोग शुक्रवार रात में ही थाने और स्थानीय विधायक के पास पहुंचे। कुनबी समाज का कहना है कि जब सामाजिक बैठक और दूसरे पक्ष की सहमति से प्रतिमा लगाने के लिए भूमिपूजन और निर्माण कार्य शुरू किया गया था, तो फिर स्थगन आदेश लाकर तोड़फोड़ करना गलत है। स्थल विवाद को लेकर समाज ने आपत्ति जताई वहीं, दूसरे पक्ष यानी मरार समाज का कहना है कि वे किसी महापुरुष की प्रतिमा लगाने का विरोध नहीं करते, लेकिन जिस जगह प्रतिमा स्थापित की जा रही थी, उस स्थल को लेकर विवाद है। इसलिए वहां प्रतिमा लगाना उचित नहीं है। दरअसल, ग्राम पंचायत टेमनी के चौंदाटोला में कुनबी समाज ने संभाजी महाराज की मूर्ति स्थापना के लिए भूमिपूजन के बाद निर्माण कार्य शुरू किया था। मरार समाज ने इसका विरोध करते हुए एसडीएम कार्यालय में निर्माण कार्य पर रोक लगाने के लिए आवेदन दिया था। तहसील न्यायालय ने 8 जनवरी को स्थगन आदेश जारी कर दिया था। कॉलम तोड़े जाने से रात में दो समाज आमने-सामने थाना प्रभारी ने मौका स्थल की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन रात करीब 10 बजे मरार समाज के लोगों ने मूर्ति स्थापना के लिए बनाए जा रहे कॉलम को तोड़ दिया। इससे रात में दोनों समाजों के लोगों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। हालांकि, दोनों पक्ष अभी भी मानने को तैयार नहीं हैं, जिससे गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पुलिस और विधायक ने दोनों सामाजिक पक्षों को समझाइश देकर गांव में शांति और समन्वय बनाए रखने की बात कही है। कुनबी समाज ने उपद्रवियों पर कार्रवाई मांग की कुनबी समाज के सौ से अधिक ग्रामीण लांजी थाना पहुंचे और उपद्रवियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने पर अड़े रहे। कुनबी समाज के लोग रात 12 बजे क्षेत्रीय विधायक राजकुमार कर्राहे के निवास पर भी पहुंचे और उन्हें घटना से अवगत कराया। विधायक कर्राहे ने पुलिस से चर्चा कर मामले का निराकरण करने के निर्देश दिए।


