भास्कर न्यूज | कवर्धा ग्राम अतरिया दामापुर में श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ जारी है, जो 8 मई तक चलेगा। इसमें संतों और विद्वानों का सत्संग होगा। साहू समाज के इस कार्यक्रम में अलग अलग दिन संत धर्म व ज्ञान पर अपने विचार रख रहे हैं। पंडित आनंद उपाध्याय धर्म सभा में कहा कि संसार की सबसे उत्तम शासन व्यवस्था रामराज्य थी। इसका आधार वर्णाश्रम धर्म था। वहां सभी लोग अपने-अपने स्वधर्म का पालन करते थे। इसी कारण वहां पुण्य था, सुख था। किसी को दैविक, दैहिक या भौतिक कष्ट नहीं था। वर्षा तब होती थी जब किसान चाहता था। जितनी जरूरत होती थी, उतनी ही वर्षा होती थी। हर ओर सुख, शांति और आनंद था। कहा कि त्रेता युग में भगवान श्रीराम ने सतयुग के सुख को धरती पर उतारा। रामराज्य में सभी लोग स्वस्थ, सुंदर, निरोग और धनवान थे। कोई दुखी या गरीब नहीं था। यह सब स्वधर्म के पालन से संभव हुआ। धर्म की रक्षा, धर्म के पालन से होती है। जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। जो धर्म का हनन करता है, धर्म उसका भी नाश करता है। इस अवसर पर शाम को मंडलियों ने भजन की प्रस्तुति दी। पंडित उपाध्याय ने कहा कि आज हम हिंदू हैं, सनातनी हैं, भारतीय संस्कृति बची है, भारत है तो इसका श्रेय भगवान शिव के अवतार आदि शंकराचार्य को जाता है। ढाई हजार साल पहले भगवान शिव ने आदि शंकराचार्य के रूप में अवतार लिया। चारों दिशाओं में चार पीठों की स्थापना की। चारों वेदों के आधार पर सनातन धर्म की पुनः स्थापना की। अपने चार योग्य शिष्यों को शंकराचार्य पद पर प्रतिष्ठित किया। आज भी देश के चारों शंकराचार्य सनातन धर्म की सेवा, सुरक्षा और प्रचार कर रहे हैं।


