टोंक के सआदत अस्पताल में सोमवार को विश्व एड्स दिवस का आयोजन को किया गया है। इस मौके पर मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व अपर जिला एवं सेशन न्यायधीश दिनेश जलुथरिया ने कहा कि एड्स के कारण मनुष्य के शारीरिक, आर्थिक और मानसिक स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। इससे बचाव जरूरी है। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ.हनुमान प्रसाद बैरवा ने कहा कि सआदत अस्पताल के एआरटी डिपार्टमेंट में एड्स के लिए परामर्श और निशुल्क दवाइयां दी जाती है। मनोरोग विशेषज्ञ डा.योगेश कुमार ने बताया की एड्स के कारण मानसिक तनाव, चिंता, अनिद्रा, घबराहट और भी गंभीर अवसाद आदि देखने को मिलते है। एआरटी डिपार्टमेंट से कमल सोयल ने बताया कि एड्स एक गंभीर बीमारी है, जो एक एचआईवी के संक्रमण से होता है। एड्स का संक्रमण असुरक्षित यौन संबंध, रक्तदान,संक्रमित सुई,ब्लेड एवं संक्रमित मा से होने वाले बच्चे मै होता है।अत: हम सभी को एड्स के लिए जागरूक रहना चाहिए और इसका बचाव पूरी तरीके से करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान उप नियंत्रक डा.चेतन जैन, डा. नवींदर पाठक.रामेश्वर बैरवा,डा. हेमंत कुमार,डा. सानिया खान, डा.मुबाशिरा गौरी, नर्सिंग अधीक्षक सत्यनारायण शर्मा,नर्सिंग कॉलेज प्रिंसिपल प्रदीप चौधरी, सुनीता सोयल, महेश कर्नावट, अंजली शर्मा शारदा गुर्जर एंव अस्पताल का अन्य स्टाफ उपस्थित रहा। रैली निकालकर दिया जागरूकता का संदेश विधिक जागरूकता कार्यक्रम के बाद एड्स के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए रैली का आयोजन किया गया। रैली को सचिव दिनेश कुमार जलुथरिया, पीएमओ डॉ. हनुमान बैरवा, मनोचिकित्सक डॉ. योगेश दासोतिया और डिफेंस कौंसिल के वकील पंकज कुमावत द्वारा हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। यह रैली सआदत चिकित्सालय से प्रारंभ होकर पटेल सर्किल, टोंक तक पहुँची रैली में नर्सिंग विद्यार्थियों ने तख्तियों और नारों के माध्यम से एड्स रोगियों के प्रति संवेदनशीलता, सम्मानपूर्ण व्यवहार तथा परिवार और समाज द्वारा सकारात्मक रुख अपनाने का संदेश प्रभावी रूप से प्रसारित किया। कार्यक्रम में चिकित्सालय के समस्त चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, पीएलवी राधारानी साहू, नर्सिंग विद्यार्थी उपस्थित रहे।


