भास्कर न्यूज | दाढ़ी नगर के मध्य से होकर गुजरने वाली सकरी नदी के दोनों किनारों पर जल संसाधन विभाग द्वारा करोड़ों रुपए की लागत से तटबंध निर्माण का कार्य किया जा रहा है, लेकिन नदी किनारे किए गए अतिक्रमण के कारण यह कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। कई स्थानों पर सरकारी भूमि पर मकान और दुकान बना लिए जाने से तटबंध निर्माण में लगातार बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। जानकारी के अनुसार जल संसाधन विभाग द्वारा लगभग 5 करोड़ रुपए की लागत से यह तटबंध बनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य बरसात के मौसम में बाढ़ के पानी को दाढ़ी बस्ती एवं आसपास के गांवों में प्रवेश करने से रोकना, नदी की सुरक्षा करना और निस्तारी सुविधा को बेहतर बनाना है। ठेकेदार द्वारा पिछले वर्ष से, वर्षा काल को छोड़कर, लगातार निर्माण कार्य किया जा रहा है, लेकिन अतिक्रमण के कारण कई स्थानों पर तटबंध अधूरा रह गया है। नदी किनारे तटबंध स्थल पर मकान और दुकान बनाकर निवास व व्यापार किया जा रहा है, जिससे निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। नगर पंचायत द्वारा ऐसे अतिक्रमणकारियों को अब तक तीन बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं, इसके बावजूद राजस्व विभाग के माध्यम से अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सकरी नदी के किनारे शासकीय भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण कर मकान व दुकान बना ली गई हैं। दाढ़ी के नगर पंचायत बनने के बाद नए सरकारी भवनों और कार्यालयों के निर्माण के लिए शासकीय भूमि की कमी भी इसी कारण बनी हुई है। सड़कों के किनारे भी बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा किया गया है, लेकिन अब तक नगर पंचायत द्वारा अतिक्रमणकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी तरह पुराने गौठान स्थल में निर्माणाधीन अटल परिसर के सामने भी शासकीय भूमि पर दुकानों का अतिक्रमण किया गया है। इस मामले में भी नगर पंचायत द्वारा तीन बार नोटिस जारी किया गया, लेकिन अब तक अतिक्रमण नहीं हट पाया है। अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता सीएस शिवहरे ने बताया कि बेजा कब्जा हटाने के लिए नगर पंचायत दाढ़ी और तहसीलदार को कई बार पत्र व्यवहार किया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। अतिक्रमण के कारण तटबंध निर्माण कार्य आधा-अधूरा पड़ा हुआ है, हालांकि विभाग का लक्ष्य है कि यह कार्य इस वर्ष हर हाल में पूरा कर लिया जाए। नगर पंचायत दाढ़ी के मुख्य नगर पालिका अधिकारी रमेश ध्रुव ने बताया कि शीघ्र ही नगर पंचायत कार्यालय एवं अटल परिसर के सामने शासकीय भूमि पर बेजा कब्जा कर मकान व दुकान संचालित करने वालों के खिलाफ बेदखली की कार्रवाई शुरू की जाएगी। नोटिस दिए जाने के बाद भी अतिक्रमणकारियों द्वारा स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा है, जिससे शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक बाधा उत्पन्न हो रही है।


