अमृतसर| अजनाला क्षेत्र के मियादी कलां गांव में बाढ़ का पानी कहर बनकर टूटा है। पुल और सड़क टूटने से गांव का संपर्क टूट गया है, लेकिन सबसे बड़ी चिंता किसानों को अपनी फसल को लेकर है। गांव की हजारों एकड़ जमीन पर खड़ी धान की फसल पूरी तरह डूब चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल और सड़क तो सरकार दोबारा बना देगी, लेकिन फसल वापस नहीं मिलेंगी। गांववासियों मेजर सिंह, ओंकार सिंह, जगदीश सिंह, रंजीत सिंह और भगवंत सिंह ने कहा कि धान के साथ-साथ पशुओं का चारा भी खराब हो गया है। खेतों में पानी उतरने के बाद मिट्टी जम जाएगी, जिससे गेहूं की बिजाई में देरी होगी। आमतौर पर अप्रैल में पकने वाली फसल इस बार देर से तैयार होगी और उत्पादन भी कम रहेगा। किसानों का कहना है कि बाढ़ ने उनकी तीन से चार साल की मेहनत पर पानी फेर दिया है।


