सक्ती जिले में पुलिस की समन्वय बैठक:कानून व्यवस्था की समीक्षा, 60 दिन में चालान पेश करने में 100% सफलता

सक्ती जिले में पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम और पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज संजीव शुक्ला के मार्गदर्शन में हुई। 1 मई को आयोजित इस बैठक में सभी थाना प्रभारी और राजपत्रित अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य लक्ष्य जिले में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाना था। एसपी ने बताया कि जिले में 60/90 दिवस के भीतर चालान प्रस्तुत करने में 100% सफलता मिली है। अभियोजन शाखा के साथ बेहतर तालमेल स्थापित किया गया है। पटवारी, मेडिकल टीम, तहसीलदार और एसडीएम से कानूनी सहयोग लिया जा रहा है। बैठक में शांति भंग की आशंका वाले व्यक्तियों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। निगरानी बदमाशों पर नियंत्रण के लिए नई गुंडा फाइलें खोलने के प्रस्तावों पर चर्चा हुई। NDPS और आबकारी अधिनियम के तहत प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। यातायात नियमों पर सख्ती एवं “एविडेंस बेस्ड” कार्रवाई का निर्देश ट्रैफिक नियमों की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। थाना प्रभारियों को नियमित अभियान चलाकर प्रमुख चौराहों पर यातायात कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने और आम जनता को ट्रैफिक शिक्षा देने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने “एविडेंस बेस्ड“ एमवी एक्ट के तहत अधिक दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सीट बेल्ट, हेलमेट अनिवार्यता, ड्रिंक एंड ड्राइव जैसे मामलों में कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके साथ ही पिकअप एवं ट्रैक्टर में सवारी ढोने वालों पर कठोर कार्रवाई करते हुए, ऐसे चालकों के लाइसेंस निरस्त करने के प्रस्ताव भेजने को कहा गया। कम्युनिटी पुलिसिंग: “चलित थाना – संवाद 2.0” को मिली गति सक्रिय सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे “चलित थाना – संवाद 2.0” कार्यक्रम की समीक्षा में पुलिस अधीक्षक ने आम जन से सीधे संवाद स्थापित करने, शिकायतों के त्वरित निपटारे और पुलिस के प्रति जनता का विश्वास बढ़ाने की दिशा में इसे और अधिक प्रभावशाली बनाने की बात कही। प्रशिक्षण व नवाचार: BNS व NATGRID पर प्रशिक्षण बैठक में एक विशेष पहल के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने स्वयं फर्स्ट लेवल फील्ड ऑफिसर्स को BNS की धारा 356 “ट्रायल इन एब्सेंशिया” तथा NATGRID प्रणाली की उपयोगिता एवं क्रियान्वयन पर प्रशिक्षण प्रदान किया। अधिकारियों को इन टूल्स के प्रभावी प्रयोग की अपेक्षा की गई, जिससे तकनीक और कानून के समन्वय से अपराध नियंत्रण की प्रक्रिया को और अधिक सक्षम बनाया जा सके। उत्कृष्ट कार्य के लिए अधिकारियों को मिला सम्मान बैठक के अंत में उल्लेखनीय कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया गया। फगुरम चौकी प्रभारी एसआई तिवारी को तीन लापता बच्चों को झारसुगुड़ा से सकुशल बरामद करने हेतु प्रशंसा पत्र एवं इनाम प्रदान किया गया। ये बच्चे खरसिया से ट्रेन में सवार होकर भटक गए थे, जिन्हें सीसीटीवी और टीम वर्क की मदद से तलाशा गया। नगरदा थाना प्रभारी एसआई राजपूत को उनके निरंतर उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया, वहीं एएसआई वर्मा (चौकी प्रभारी छपोरा) को मोटर व्हीकल एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई के लिए पुरस्कार मिला।

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