सचिन पायलट आएंगे रायपुर:चैतन्य बघेल से मिलेंगे प्रदेश कांग्रेस प्रभारी, सेंट्रल जेल में नेताओं की होगी मुलाकात

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट रायपुर आएंगे। रायपुर की सेंट्रल जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल से सचिन पायलट मुलाकात करेंगे। शनिवार को प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट का छत्तीसगढ़ दौरा है। इसे लेकर कांग्रेस के नेता तैयारी कर रहे हैं। फिलहाल सामने आई जानकारी के मुताबिक, सचिन पायलट सुबह 8:00 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद चैतन्य से मुलाकात का समय 11:00 बजे तय है। रायपुर के सेंट्रल जेल में सचिन पायलट और कुछ कांग्रेस नेता चैतन्य बघेल से मुलाकात करने जाएंगे। दरअसल, छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को ED ने मंगलवार को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की ज्यूडिशियल रिमांड पर भेज दिया है। इससे पहले ED ने चैतन्य से 5 दिन तक पूछताछ की थी। ED के वकील सौरभ पांडेय ने बताया कि एविडेंस के मुताबिक शराब घोटाले से चैतन्य बघेल के तार जुड़े हुए हैं। इसी आधार पर उनके घर पर छापेमारी की गई। पूछताछ में चैतन्य से सही जवाब नहीं मिले। जांच के लिए कस्टडी की आवश्यकता थी। मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत गिरफ्तारी की गई है। अगर कोई आरोप लगा रहा है तो वह उचित नहीं है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) को फटकार लगाते हुए कहा कि, राजनीतिक लड़ाइयां चुनाव में लड़ी जानी चाहिए, जांच एजेंसियों के जरिए नहीं। ED का इस तरह इस्तेमाल क्यों हो रहा है? अब जानिए ED ने चैतन्य पर क्या आरोप लगाए हैं? ED के अनुसार, लीकर स्कैम पूछताछ में शराब कारोबारी लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू ने EOW को बयान दिया था कि, उसने और चैतन्य बघेल ने मिलकर 1000 करोड़ से ज्यादा घोटाले की रकम को हैंडल किया। यह कैश अनवर ढेबर ने दीपेन चावड़ा को पहुंचाया। यह पैसा बाद में राम गोपाल अग्रवाल को दिया गया। इसकी व्यवस्था चैतन्य बघेल के साथ मिलकर की गई और चैतन्य बघेल के कहने पर 1000 करोड़ में से 100 करोड़ नकद केके श्रीवास्तव को दिया गया। पप्पू बंसल ने पूछताछ में ये भी स्वीकार किया है कि शराब घोटाले से उसे 3 महीने में 136 करोड़ रुपए मिले हैं। अनवर ढेबर और नीतेश पुरोहित के बीच चैट में हुई बातचीत में इसकी जानकारी है। अब जानिए ED के आरोप और गिरफ्तारी पर क्या बोले बचाव पक्ष के वकील ? बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने बताया कि पहला मामला सहेली ज्वेलर्स से जुड़े 5 करोड़ रुपए के लोन का है, जिस पर ED ने कहा कि यह बिना ब्याज का संदिग्ध लोन है। इसके जवाब में हमने स्पष्ट किया कि यह लोन 2019 में लिया गया था। अब तक करीब 2.21 करोड़ रुपए ब्याज के रूप में चुकाए जा चुके हैं। यह जानकारी फरवरी 2025 में सहेली ज्वेलर्स के प्रोपराइटर द्वारा दस्तावेजों सहित ED को दी जा चुकी थी, बावजूद इसके जांच एजेंसी ने कोर्ट के समक्ष भ्रामक तथ्य पेश किए। फैजल रिजली ने बताया कि दूसरा मामला त्रिलोक सिंह ढिल्लन को 5 करोड़ रुपए में बेचे गए फ्लैट से जुड़ा है, जिसमें ढिल्लन पहले ही जेल में रहते हुए यह स्पष्ट कर चुके हैं कि उनके पास यह राशि कहां से आई। ED ने उनके जवाबों से संतुष्टि जताई थी, इसीलिए चैतन्य बघेल से इस संबंध में कोई पूछताछ नहीं की गई थी।

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