जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव डिंपल जंडैल ने बुधवार शाम को कोटपूतली में नगर परिषद द्वारा संचालित रैन बसेरों का निरीक्षण किया। इस दौरान एक रैन बसेरा बंद पाया गया, जबकि दूसरे में कई मूलभूत सुविधाओं की कमी मिली। सचिव ने सबसे पहले नगर परिषद पार्क के निकट स्थित रैन बसेरे का दौरा किया। यह रैन बसेरा बंद मिला और इसका संचालनकर्ता/मैनेजर भी अनुपस्थित था। इस संबंध में नगर परिषद को एक पत्र जारी कर रैन बसेरे को तुरंत खोलने और नियमानुसार संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद, सचिव ने राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम डिपो कोटपूतली के पास स्थित दूसरे रैन बसेरे का निरीक्षण किया। यह रैन बसेरा आमजन के लिए खुला पाया गया। निरीक्षण के समय वहां कोई भी व्यक्ति रुका हुआ नहीं मिला। रैन बसेरे में लोगों के सोने के लिए 12 गद्दे, 10 रजाई और कुछ तकिए उपलब्ध थे। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग आवास की व्यवस्था भी पाई गई। पीने के पानी और सफाई की व्यवस्था संतोषजनक थी। हालांकि, इस रैन बसेरे में भोजन की कोई व्यवस्था नहीं थी। मैनेजर ने बताया कि पहले यहां इंदिरा रसोई संचालित होती थी, जो अब बंद हो चुकी है। इसके अलावा, प्राथमिक चिकित्सा किट और अग्निशमन प्रणाली की कोई व्यवस्था नहीं मिली। विशेष योग्यजनों, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी कोई विशेष सुविधा उपलब्ध नहीं थी। सचिव डिंपल जंडैल ने मैनेजर को रैन बसेरे में सफाई, पानी और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से बनाए रखने के साथ-साथ इसके प्रचार-प्रसार के भी निर्देश दिए। नगर परिषद को भी एक पत्र जारी कर रैन बसेरों में पीने योग्य पानी, रजाई-गद्दे, प्राथमिक चिकित्सा किट और भोजन जैसी आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा इनका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बेसहारा और बेघर लोगों को उचित आश्रय मिल सके।


