भास्कर न्यूज| महासमुंद महासमुंद नगर के बीटीआई रोड स्थित खैरा बाड़ा में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन के शुभारंभ 22 अप्रैल को नगर में भव्य शोभायात्रा निकाल की गई। इसमें कथा वाचक आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री सिलयारी धाम वाले के श्रीमुख से आज 23 अप्रैल को कथा के प्रथम दिवस सुकदेव जन्म कथा का वाचन किया गया। शास्त्री ने भागवत प्रेमियों को कथा श्रवण कराते हुए अमृत कथा के बारे में बताया। उन्होंने श्रीराम कथा को ही अमृत कथा बताया। उन्होंने कहा कि सच्चे हृदय से भगवान श्री राम का नाम जपने से राम मिल जाता है। उन्होंने गृहस्थ जीवन का व्याख्या कर कहा कि विवाहित माताओं को कभी किसी के सामने दंडवत नहीं होनी चाहिए। संतो के सामने दंडवत होने के अपेक्षा केवल उनके दर्शन मात्र से ही कल्याण हो जाता है। आचार्य शास्त्री ने कहा कि महासमुंद की पुण्य भूमि पर आयोजित कथा अमृत का पुण्य लाभ मिल रहा है। उन्होंने सुकदेव जन्म कथा की व्याख्या करते हुए माता पार्वती तथा भगवान शिव के बीच हुए संवाद को बताया। उन्होंने बताया कि माता की जिद पर भोलेनाथ ने उन्हें अमृत रूपी श्रीराम कथा सुनाया था। कथा के बीच में ही माता को नींद आ जाती है, और तोते के अंडे पर कथा के प्रभाव से प्राण आ जाता है, तथा उसी तोते के बच्चे ने कथा का श्रवण कर अमरत्व को प्राप्त कर लेता है। आज कथा श्रवण करने बड़ी संख्या ने भक्त गण उपस्थित थे। इस दौरान बड़ी संख्या में नगरवासी कथा श्रवण करने शामिल हुए थे।


