मौसम विभाग द्वारा लगातार घने कोहरे की चेतावनी के बावजूद अमृतसर प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है। शहर में शून्य विजिबिलिटी के कारण सड़क हादसों का ग्राफ बढ़ रहा है, लेकिन सड़कों से आवारा पशुओं को हटाने के लिए कोई ठोस रणनीति नहीं बनाई गई है। घने कोहरे के बीच सड़कों के बीचों-बीच खड़े आवारा पशु वाहन चालकों के लिए ‘यमदूत’ साबित हो रहे हैं। विशेष रूप से लौहगढ़ चौक और इसके आसपास के क्षेत्रों में आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। कोहरे के कारण चालक इन्हें समय रहते देख नहीं पाते, जिससे टकराने का जोखिम बना रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बाद भी नगर निगम और जिला प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। लोगों ने कहना है कि समय रहते इन पशुओं को सुरक्षित गौशालाओं में नहीं पहुंचाया गया, तो यह बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।


