भास्कर न्यूज | रायगढ़ शहर में एक संस्था है जो गली–मोहल्लों में घूमने वाले बीमार और घायल आवारा कुत्तों का इलाज और देखभाल करती है। सड़क हादसों में घायल या समाज द्वारा प्रताड़ित या बीमार कुत्तों को संस्था के सदस्य मौके से उठाकर प्राथमिक इलाज करते हैं। जरूरत पड़ने पर उन्हें वेटनरी अस्पताल ले जाया जाता है। अगर हालत गंभीर हो, तो उन्हें महीनों तक रखकर इलाज किया जाता है। ठीक होने के बाद उन्हें वापस सड़कों पर छोड़ दिया जाता है। यह सेवा कार्य पिछले कुछ वर्षों से आनंदम् पशु पक्षी सेवा समिति के सदस्य कर रहे हैं। संस्था के पास अभी स्थायी शेल्टर नहीं है, लेकिन जुटमिल क्षेत्र में किरोड़ीमल की समाधि स्थल पर मयंक मोढ़ा द्वारा अस्थायी रूप से डॉग शेल्टर की व्यवस्था की गई है। इस कार्य में चंदन नामदेव, अभिषेक सिंह, हिमांशु सिंह, मीना जैन, शुभा श्रीवास्तव, अंकिता और कई पशु प्रेमी मिलकर ग्रुप बनाकर सेवा कर रहे हैं। यह कार्य पूरी तरह सेवा भावना, मेहनत और लगन से किया जाता है। संस्था इसे अपने खर्च पर संचालित करती है। संस्था का कहना है कि रायपुर जैसे बड़े शहरों की तरह यहां भी नगर निगम द्वारा शेल्टर रूम की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि स्टरलाइजेशन और देखरेख की बेहतर सुविधा मिल सके। शहर की सड़कों पर आवारा कुत्ता घायल या बीमार दिखे तो इस नंबर पर संपर्क करें फोन नंबर 78050 48580, मीना जैन इस सप्ताह… आनंदम् पशु पक्षी सेवा संस्था बाहर से नहीं मिलता कोई आर्थिक सहयोग व साधन बेजुबानों की सेवा में जुटी पूनम द्विवेदी ने बताया कि यह कार्य करने से बहुत सुकून मिलता है, लेकिन हर समय इसे करना आर्थिक रूप से कठिन होता है। उन्होंने कहा कि अगर शहर की हर कॉलोनी में कम से कम 10 आवारा कुत्तों का सुपरविजन में स्टरलाइजेशन कराया जाए, तो काफी हद तक समस्या से राहत मिल सकती है और इनकी संख्या में भी कमी आ सकती है। यह कार्य बारिश से पहले किया जाना चाहिए।


