सड़क सुरक्षा का संदेश देने सड़कों पर उतरा प्रशासन:कोडरमा के महाराणा प्रताप चौक से जेजे कॉलेज तक दौड़े धावक, सजगता का दिया संदेश

झारखंड सरकार द्वारा संचालित सड़क सुरक्षा माह के तहत रविवार को कोडरमा जिला प्रशासन की ओर से मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। इस मैराथन में जिले के उपायुक्त ऋतुराज समेत कई वरीय अधिकारी, कर्मचारी और सैकड़ों आम लोग शामिल हुए। आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित यातायात का संदेश देना रहा। सुबह से ही झुमरीतिलैया शहर में आयोजन को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला। महाराणा प्रताप चौक से जेजे कॉलेज तक दौड़े धावक मैराथन की शुरुआत झुमरीतिलैया शहर के महाराणा प्रताप चौक से हुई, जो करमा होते हुए जेजे कॉलेज परिसर में समाप्त हुई। इस दौड़ में सैकड़ों धावकों ने हिस्सा लिया। मैराथन के दौरान पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे। दौड़ के समापन पर उपायुक्त ऋतुराज ने प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले धावकों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया और उनके प्रयासों की सराहना की। जेजे कॉलेज में आयोजित हुई जागरूकता सभा मैराथन के समापन के बाद जेजे कॉलेज परिसर में एक जागरूकता सभा का आयोजन किया गया। इसमें उपायुक्त ऋतुराज, उप विकास आयुक्त रवि जैन और जिला परिवहन पदाधिकारी विजय सोनी ने लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट का उपयोग, गति सीमा का पालन और नशे की हालत में वाहन नहीं चलाना जैसे नियमों का पालन कर कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को सड़क सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई। विद्यालयों से सड़कों तक चल रहा जागरूकता अभियान उपायुक्त ऋतुराज ने बताया कि सड़क सुरक्षा माह के तहत जिले भर में लगातार विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य वाहन चालकों और आम नागरिकों को ट्रैफिक नियमों और अपनी सुरक्षा के प्रति सचेत करना है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यालयों में भी चलाया जा रहा है ताकि बच्चों को शुरू से ही सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी मिल सके। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है और जुर्माना भी वसूला जा रहा है। साथ ही दुर्घटना की स्थिति में घायलों की मदद करने और उन्हें अस्पताल पहुंचाने के तरीकों की जानकारी दी जा रही है। घायलों की सहायता करने वाले लोगों को नकद राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने की भी व्यवस्था की गई है।

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