सतना जिले में साइबर ठगों ने अब अफसरों की पहचान का दुरुपयोग शुरू कर दिया है। सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस के नाम और फोटो से फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल बनाकर 50 हजार रुपये ठगने की कोशिश का मामला सामने आया है। सतर्कता के चलते पीड़ित ने पैसे ट्रांसफर नहीं किए और ठगी टल गई। जानकारी के अनुसार, ठगों ने टीकमगढ़ निवासी मनोज नामक व्यक्ति से संपर्क कर खुद को कलेक्टर बताते हुए दिल्ली स्थित ओवरसीज बैंक का एक खाता नंबर भेजा और उसमें 50 हजार रुपये ट्रांसफर करने को को कहा। साथ ही यह भी कहा गया कि रकम किसी अन्य “नीलिवी अकाउंट होल्डर” के खाते में भेजी जाए। जब पीड़ित ने मोबाइल नंबर बदले जाने को लेकर सवाल किया तो ठग ने बहाना बनाया कि “ऑफिस में मोबाइल छूट गया है”, इसलिए दूसरे नंबर से संपर्क किया जा रहा है। बातचीत में संदेह होने पर मनोज ने रकम ट्रांसफर नहीं की, जिससे ठगी की कोशिश नाकाम हो गई। कलेक्टर ने जारी की सार्वजनिक चेतावनी मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने साइबर फ्रॉड को गंभीरता से लेते हुए सार्वजनिक अपील जारी की। उन्होंने बताया कि उनके नाम और फोटो का दुरुपयोग कर विदेशी मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप पर पैसों की मांग की जा रही है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि इस तरह के किसी भी कॉल, मैसेज या वॉट्सऐप अनुरोध पर भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति अफसर बनकर पैसे मांगता है तो तुरंत पुलिस या साइबर सेल को सूचना दें। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है और साइबर एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है।


