सतना जिले की सेवा सहकारी समिति झाली में धान खरीदी के दौरान उस समय स्थिति बिगड़ गई, जब वेयरहाउस संचालक आलोक सिंह बिना किसी पूर्व सूचना के वीना वेयरहाउस में ताला लगाकर चले गए। इससे खरीदी केंद्र पर अपनी धान लेकर पहुंचे सैकड़ों किसान आक्रोशित हो उठे। खरीदी केंद्र प्रभारी और किसान काफी देर तक वेयरहाउस का गेट खुलने का इंतजार करते रहे, लेकिन जब कोई समाधान नहीं निकला तो किसानों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। 7 घंटे लगा रहा जाम, प्रशासन ने खुलवाया
आक्रोशित किसान लगभग 25 ट्रैक्टरों के साथ सुंदरा-सेमरिया मार्ग पर पहुंच गए और स्टेट हाईवे को पूरी तरह से जाम कर दिया। अचानक हुए इस जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। नागरिक आपूर्ति निगम और वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने वेयरहाउस संचालक से संपर्क किया और उन्हें मौके पर बुलाया। इसके बाद किसानों को समझा-बुझाकर शांत किया गया। काफी मशक्कत के बाद शाम 4 बजे गोदाम का ताला खुलवाया गया, जिसके बाद किसानों की धान को वेयरहाउस के अंदर रखा जा सका। इस पूरी घटना में लगभग 7 घंटे तक हंगामा चलता रहा, जिसके बाद किसानों का आक्रोश शांत हुआ। हालांकि, इस गंभीर मामले में अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। मौके पर पहुंचने के बावजूद अधिकारियों ने घटना का कोई पंचनामा नहीं बनाया। अधिकारियों ने बताया कि वेयरहाउस संचालक के घर तेरहवीं का कार्यक्रम था, जिसके कारण सहानुभूति के आधार पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई जाने पर संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। किसानों ने धान खरीदी व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और वेयरहाउस संचालकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।


