केंद्र सरकार के पायलट प्रोजेक्ट स्मार्ट सिटी में शामिल सतना शहर की स्मार्टनेस को सीवर लाइन का ग्रहण लग गया है। शनिवार को दिनभर हुई रिमझिम बारिश ने शहर का हुलिया बिगाड़ कर रख दिया है। आलम तो यह है कि कॉलोनियों की सड़कें पहुंच विहीन गांवों की गलियों में तब्दील हो गई हैं। घरों से निकलना हो रहा दूभर रविवार को बारिश तो नहीं हुई, लेकिन फिर भी लोग घरों पर ही रहने को बेबस है। शहर की बगहा, पौराणिक टोला, बरदाडीह हो या जीवन ज्योति, भरहुत नगर काॅलोनी समेत सभी जगह सिर्फ और सिर्फ कीचड़ और मिट्टी ही नजर आ रही है। कॉलोनियों की इन सड़कों पर गाड़ियां तो दूर पैदल चलना दूभर हो रहा है। बेलगाम विकास के बेलगाम ठेकेदार लगभग हजार करोड़ के भारी भरकम बजट से शहर को स्मार्ट बनाते बनाते विकास बेलगाम सा हो गया है। रही सही कसर इस विकास को अंजाम दे रहे बेलगाम ठेकेदार पूरी कर रहे हैं। पूरे शहर में सीवर लाइन बिछाने का काम कर रही ठेका कंपनी गली-गली खोद कर लाइन बिछाती जा रही है। लेकिन खुदाई के बाद रेस्टोरेशन नहीं कर रही। जिसका खामियाजा आम जनता भोग रही है। सीवर लाइन प्रोजेक्ट की बानगी नगर निगम ने अमृत योजना के तहत जून 2017 में पहली बार करीब 206 करोड़ के साथ इस सीवर लाइन प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी। इसके लिए ‘स्पान’ कंपनी को 3 साल का समय दिया गया। लेकिन कंपनी काम पूरा करने में असफल रही। जिसके बाद स्पान कंपनी को सीवर लाइन निर्माण कार्य से टर्मिनेट कर दिया गया। दूसरी बार जुलाई 2022 में शहर को 2 जोन में बांटकर ‘पीसी स्नेहल’ और ‘इन विराट’ कंपनी को निर्माण कार्य सौंपा गया। साथ ही एक साल का समय दिया गया। इन कंपनियों ने काम शुरू किया और शहर के सभी जगहों पर गड्ढे खोद दिए। लेकिन निर्माण कार्य कछुए की गति से भी धीमा चल रहा है।


