सतना और मैहर जिलों में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तीसरे दिन तीन और बच्चों में फाइलेरिया संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही इन दोनों जिलों में फाइलेरिया से संक्रमित बच्चों की कुल संख्या बढ़कर पांच हो गई है। मलेरिया विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत, शिवराजपुर की एक प्राथमिक शाला में कक्षा 2 की छात्रा और मैहर ब्लॉक की पड़री प्राथमिक शाला की दो छात्राओं में यह संक्रमण पाया गया है। इससे पहले 11 दिसंबर को मझगवां विकासखंड के अर्जुनपुर और पथरा पालदेव में सात साल के दो बच्चों के रक्त में फाइलेरिया के अंश मिले थे। यह पहली बार है जब बच्चों में फाइलेरिया का संक्रमण पाया जा रहा है। पहले सतना और मैहर जिलों में 128 वयस्क महिला-पुरुष इस बीमारी से प्रभावित थे। 22 टीमें ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे कर रही ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे के लिए मलेरिया विभाग ने मैहर और सतना जिले में 22 टीमों का गठन किया है। प्रत्येक ब्लॉक में 2 टीम काम कर रही है, जबकि मैहर ब्लॉक के लिए 4 अतिरिक्त टीम तैनात की गई हैं। टीम का गठन और नियम 4 सदस्यीय टीम में एक मलेरिया इंस्पेक्टर, एमपीडब्ल्यू, एक लैब टेक्नीशियन, संबंधित क्षेत्र की एएनएम और आशा कार्यकर्ता शामिल हैं। यदि जांच में 36 या उससे अधिक बच्चे फाइलेरिया पॉजिटिव पाए जाते हैं तो दोनों जिलों को ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे में फेल माना जाएगा। इसके बाद फाइलेरिया रोधी एमडीए दवा खिलाने के लिए अभियान चलाया जाएगा।


