सतलुज दरिया में डी-सिल्टिंग का काम हुआ, लेकिन आदमपुर फ्लाईओवर, अप्रोच रोड, पीएपी प्रोजेक्ट अधूरा

वारिस मलिक | जालंधर डॉ. हिमांशु अग्रवाल को जालंधर में बतौर डिप्टी कमिश्नर एक साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है। उन्होंने लोकसभा चुनावों के बाद जालंधर वेस्ट उप-चुनाव, नगर निगम चुनाव और पंचायती चुनाव करवाए। डेवलपमेंट प्रोजेक्टों की बात करें तो वर्षों से रुके हुए प्रोजेक्टों पर मीटिंगों का दौर तो लगातार जारी है। सरफेस वॉटर प्रोजेक्ट, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर सहित दर्जनों ऐसे प्रोजेक्ट हैं जो तय सीमा से देरी से चल रहे हैं। फिरोजपुर जिले से संबंधित डॉ. हिमांशु अग्रवाल लगातार जालंधर की डेवलपमेंट को लेकर मीटिंगें कर रहे है लेकिन प्रोजेक्ट की कोई समय सीमा नहीं है। आदमपुर फ्लाईओवर : साल 2016 में अकाली दल की सरकार के समय में शुरू हुआ था जो अभी तक अधूरा है। कांग्रेस के पांच साल गुजरने के बाद आप के भी 3 साल पूरे हो चुके हैं। सिर्फ सर्विस लेन बनाई गई है। . एयरपोर्ट अप्रोच रोड : आदमपुर से एयरपोर्ट तक करीब 4 से 5 किमी. सड़क को फोर लेन करने का प्रोजेक्ट है। लेकिन कंदोला से एयरपोर्ट तक करीब 1 से 1.50 किलोमीटर सड़क अभी भी सिंगल लेन है। . पीएपी फ्लाईओवर : फ्लाईओवर के दोनों तरफ 1-1 नई लेन जोड़कर उसे बड़ा करने का काम अभी तक अधूरा है। अमृतसर जाने वाले ट्रैफिक का सारा बोझ पीएपी और रामामंडी से होकर गुजरता है, जिससे जाम लगा रहता है। . लद्देवाली फ्लाईओवर : फ्लाईओवर को बने हुए करीब दो साल का समय हो चुका है, लेकिन फ्लाईओवर का एक हिस्सा के ऊपर से हाइटेंशन तारे गुजर रही है, जिसके चलते उसका कुछ हिस्सा बंद किया गया है। तारों को शिफ्ट करवाने का काम अभी भी अधूरा है। . लंबा पिंड-जंडू सिंहा और धोगड़ी रोड़ : लंबा पिंड से जंडू सिंहा जाने वाली मुख्य सड़क का काम अधूरा है, लेकिन बिजली के पोल, ट्रांसफार्मर को पीछे हटाया जा चुका है और वन विभाग का काम भी पूरा हो चुका है। बर्ल्टन पार्क : बर्ल्टन पार्क में कॉलेजों के स्टूडेंट्स की तरफ से पेंटिंग बनाकर सौंदर्यीकरण का काम किया गया है और डेवलपमेंट का काम भी चल रहा है। लेकिन निगम ने स्टेडियम के साथ ही कूड़ा डंप बना दिया है। वह डीसी के निर्देशों के बाद भी नहीं हटाया गया है। सतलुज दरिया में डी-सिल्टिंग : यह काम सालों से लंबित चल रहा था। जिसमें रेत और मिट्टी हटाने को लेकर लगातार दबाव था, लेकिन दूसरी तरफ इस काम को रुकवाने के लिए किसान भी सतलुज दरिया में डटे हुए थे, क्योंकि पिछले पांच सालों में दो बार पंजाब में बाढ़ आई थी जिसमें मुख्य बिंदा यही था कि सतलुज को सालों से साफ नहीं किया गया है और गिदड़पिंडी के पास रेलवे फाटक के नीचे पानी गुजरने के लिए करीब 22 दरवाजें हैं जो मिट्टी और रेत से भर चुके थे और पानी यहीं से ओवरफ्लो होता था जो बाढ़ का कारण बनता है। लेकिन डीसी की तरफ से किसानों के साथ मीटिंगें कर मिट्टी निकालने का काम शुरू करवाया, जिसे जालंधर के तीन पूर्व डीसी भी नहीं करवा पाए थे। पीसीएस की फ्री कोचिंग और चेतना प्रोजेक्ट शुरू किए जिला प्रशासन की तरफ से पीसीएस की फ्री कोचिंग शुरू की गई है, जिसका कॉलेज के स्टूडेंट्स को सीधा फायदा होगा तो वहीं दूसरी तरफ चेतना प्रोजेक्ट से स्कूल और कॉलेजों के स्टूडेंट्स को बेसिक लाइफ स्किल से ट्रेनिंग दी जा रही है। सेवा केंद्र : नागरिक सुविधायों में लगातार जालंधर जीरो पेंडेंसी के साथ टॉप पर है। सेवा केंद्रों में लोगों के लिए एसी और नई अपग्रेडेशन भी की जा रही है। ए-टाइप सेवा केंद्र में सालों से टूटी सड़क पर अब इंटरलाकिंग टाइलें लगाई गई हैं।

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