देवास जिले के सतवास में खुद को आग लगाने वाले व्यास दंपती का इंदौर में 5 दिनों से इलाज चल रहा है। इनमें संतोष व्यास 20% जले हैं और हालत से पहले से ठीक है। जबकि जयश्री 50% जली हैं और हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। उनकी स्थितियों को लेकर दैनिक भास्कर ने एक्सपर्ट से बात की। उनका कहना है कि बर्न पेशेंट में वह कितना प्रतिशत जला है और कितना गहरा यानी कितना डिग्री जला है, इस पर उसका इलाज और स्थितियां पता चलती है। आमजन को इसे समझना जरूरी है। खासकर यह मामला तो आत्मदाह का है। अभी दंपती बर्न यूनिट में एडमिट हैं और लगातार उनकी मॉनिटरिंग की जा रही है। डॉक्टरों के मुताबिक बर्न पेशेंट पर बारीकी से नजर रखी जाती है। उनके जो ऑर्गन्स जले हैं, उनका काफी ध्यान रखना पड़ता है। दंपती की उम्र भी 60 वर्ष से ज्यादा है। ऐसे में घाव भरने में काफी समय लगेगा। जलने का प्रतिशत यानी शरीर का कितना कितना हिस्सा
डॉ. सेठिया के मुताबिक बर्न होने के प्रतिशत के साथ यह देखा जाता है कि वह कितना गहरा जला है। प्रतिशत यानी शरीर का कितना हिस्सा जला है और डिग्री यानी घाव कितना गहरा है। इसमें तीन डिग्री होती है फर्स्ट, सेकेंड और थर्ड डिग्री। अगर थर्ड डिग्री हुआ तो घाव भरना मुश्किल हो जाता है और स्थिति सीरियस बनी रहती है। हादसे और आत्मदाह की स्थितियों में यह है अंतर
आत्मदाह में पेशेंट की हालत भयावह और गंभीर हो जाती है। आमतौर पर गलती से क्या किसी हादसे में जलने के दौरान संबंधित तब बचने का प्रयास करता है। इसके विपरीत जब व्यक्ति खुद आत्मदाह की नीयत से खुद को जलाता है तो वह पेट्रोल सिर और सामने वाले हिस्से में उडे़ल लेता है। ऐसे में यह बहुत ज्यादा मात्रा में होता है। क्योंकि संंबंधित व्यक्ति आत्मदाह की ठान ही लेता है। ऐसे में आग लगाने के बाद वह खुद बचने की कोशिश नहीं करता, उसे आसपास के लोग बचाने की कोशिश करते हैं। वे उसकी आग बुझाते हैं। ऐसे लोगों में डिग्री ऑफ बर्न ज्यादा होता है। जानिए दंपती खासकर जयश्री की मौजूदा स्थिति
व्यास दंपती ने आत्मदाह का प्रयास किया और काफी मात्रा खुद पर पेट्रोल उडे़लकर आग लगा ली। इसमें संतोष व्यास 20% जले हैं। इसमें से 10 से 12% थर्ड डिग्री बर्न है और 8 से 10% सेकेंड डिग्री बर्न है। ऐसे में वे मैनेजेबल कैटेगरी में है। उनकी स्थिति पहले से बेहतर है। उनका चलना-फिरना, खाना-पीना ठीक है और बात भी कर पा रहे हैं। उम्मीद है कि वे कुछ दिनों में ठीक हो जाएंगे। चेहरा, गले की नली, चेस्ट, फेफड़े जले इसलिए गंभीर
जयश्री व्यास 45 से 50% तक जली है। उनके चेहरे, गले के साथ सांस की नली में काफी सूजन है और गहरा जले हैं। चेस्ट और फेफड़े भी जले हैं यह स्थिति गंभीर ही मानी जाएगी। उनके ज्यादा जलने से इंफेक्शन का खतरा ज्यादा है। इसके लिए सर्जरी का प्रयास किया जाएगा। 30% थर्ड डिग्री बर्न घातक, सर्जरी की जरूरत होगी
जयश्री का 50% शरीर जला है उसमें 15 से 20% सेकेंड डिग्री बर्न है जबकि 25 से 30% थर्ड डिग्री बर्न है। ऐसे में जितना गहरा बर्न है उसके लिए वहां स्किन लगाने की जरूरत होगी। इसके लिए पहले मौजूदा घावों की सफाई होती है। इसके बाद स्किन लगाई जाती है। 30% स्किन कहीं और से लेकर लगाना है जिसके लिए बड़ी सर्जरी की जरूरत है जो कि दो से तीन बार में होगी। ऐसे में कई बार आईसीयू की जरूरत भी होती है। सांस लेने के लिए गले से रास्ता बनाकर लगाई ट्यूब
डॉ. अर्पित सेठिया के मुताबिक अभी इलाज से थोड़ा सुधार है। ऐसे में जब तक घाव नहीं भरते कुछ भी कहना मुश्किल है। उनके सांस की नली में सूजन होने से सांस लेने में मुश्किल है इसलिए वहां गले से एक रास्ता बनाकर ट्यूब डाली गई है। फेफड़ों में भी धुआं भर गया है। यह खबरें भी पढ़ें… 1. एक तहसीलदार ने समझौता करवाया, दूसरे कब्जा तोड़ने पहुंच गए देवास जिले के सतवास में खुद को आग लगाने वाले व्यास दंपती का इंदौर में इलाज चल रहा है। संतोष व्यास और जयश्री व्यास ने 24 दिसंबर को पेट्रोल छिड़ककर खुद पर आग लगा ली थी।जयश्री की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। पढ़ें पूरी खबर… 2. सतवास में पेट्रोल की बोतल फेंकने वाली महिला तनाव में देवास के दंपती संतोष और जयश्री व्यास के आत्मदाह मामले में नया मोड़ आ गया है। घटना से जुड़ा एक और वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल, जयश्री व्यास की हालत गंभीर बनी हुई है और इंदौर में उनका इलाज चल रहा है। पढ़ें पूरी खबर… 3. नया VIDEO…दूसरी महिला के हाथ में पेट्रोल, जिंदा जले पति-पत्नी देवास जिले के सतवास कस्बे में एक दंपती के कथित तौर पर आग लगाने के मामले में एक नया वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में दंपती तहसीलदार से बहस करने के साथ माचिस जलाने की कोशिश कर रहे हैं। तभी एक महिला उन पर बोतल में रखा पदार्थ फेंकती है और अचानक आग लग जाती है। पढ़ें पूरी खबर…


