जयपुर में बीजेपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और हरियाणा के प्रदेश प्रभारी सतीश पूनिया ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर पलटवार किया। पूनिया ने कहा कि इन्हें केवल सुर्खियों में बने रहना आता है। सत्ता के बाहर इन्हें तकलीफ होती हैं। गहलोत को विपक्ष का रोल सीखना है- पूनिया उन्होंने कहा- इनके खाते में आज तक एक भी आंदोलन नहीं हैं। इन्हें विपक्ष का रोल सीखना है तो मैं फ्री कोचिंग दे सकता हूं कि इन मुद्दों पर सड़क पर लड़ो। लेकिन अब उनकी उम्र लड़ने की भी नहीं रही। पूनिया ने कहा कि गहलोत को पार्टी में न्यू सेंस वैल्यू बनाए रखना भी आता हैं। जिस तरह से उन्होंने 25 सितंबर 2022 को स्पीकर के यहां विधायकों की परेड़ कराई थी। गहलोत में असुरक्षा का भाव
पूनिया ने कहा कि गहलोत हमेशा सत्ता में रहे हैं। मैने इनको कभी सड़क पर लड़ते नहीं देखा। ये इंदिरा गांधी की सरकार में 29 साल की उम्र में उप मंत्री बन गए थे। सत्ता से बाहर रहना इनके लिए असुरक्षा हैं। सत्ता आगे मिलेगी या नही, पार्टी में क्या होगा, बेटे का क्या होगा, कई बार कोशिश कर ली। यह असुरक्षा का भाव हैं। पूनिया ने कहा कि गहलोत में पॉलिटिकल इनसिक्योरिटी हैं।


