विधानसभा में प्रश्नकाल में 3 मंत्रियों के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने उनको घेरा। इनमें सबसे पहले जर्जर स्कूलों को लेकर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और ओबीसी छात्रवृत्ति को लेकर मंत्री अविनाश गहलोत और जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी को घेरा गया। 2 मंत्री तो नेता प्रतिपक्ष के सवालों के जवाब नहीं दे पाए। उलझते रहे। सामाजिक सुरक्षा पेंशन 4 माह से नहीं मिलने को लेकर कांग्रेस विधायकों ने हंगामा किया तो मंत्री ने कहा कि सदन और जनता को गलत तथ्य से गुमराह कर रहे। नवंबर तक की पेंशन जारी की जा चुकी है। भुसावर में स्थित राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय के सवाल पर मंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि भूमि उपलब्धता के बाद इस चिकित्सालय के नवीन भवन का निर्माण कराया जा सकेगा। इस पर विधायक बहादुर सिंह ने कहा कि मंत्री को अफसरों ने गलत जवाब दिया है। अस्पताल को जमीन आवंटित हो चुकी है। जेजेएम की प्रगति को लेकर भी मंत्री से पूछा कि 20 प्रतिशत ही काम हुआ, ऐसे घर घर नल कब तक मिलेगा। मंत्री 1 या 2 साल का आश्वासन देते रहे। जर्जर स्कूल भवनों पर टकराव, मंत्री बोले- कांग्रेस ने बंटाधार किया विधायक संदीप शर्मा ने प्रश्नकाल में पूछा कि विद्यालय भवन समय से पहले ही जर्जर हो चुके हैं? क्या सरकार ऐसे जर्जर भवनों को जमींदोज करने का विचार रखती है? जवाब में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि प्रदेश में कुल 41 हजार 178 विद्यालय भवन ऐसे हैं, जिनकी मरम्मत की आवश्यकता है। भारत सरकार की ओर से इस मद में 1000 करोड़ देने का आश्वासन मिला है। अब थर्ड पार्टी आडिट कराएंगे। इस पर जूली ने कहा कि कई जगह मुर्गीफार्म, मंदिरों और अस्पतालों में स्कूल चल रहे हैं। 45365 में से 41 हजार स्कूलों में मरम्मत की जरूरत है। 3768 स्कूल भवन जर्जर हैं। 2588 को ही जर्जर घोषित किया है। दिलावर बोले- मंदिरों में 30 से 40 वर्षों से स्कूल संचालित हो रहे हैं। यह स्थिति कांग्रेस शासन की देन है। इसके चलते सदन में गहमा-गहमी रही। जूली चीखे- जवाब नहीं देना तो हम चले जाएं प्रश्नकाल में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि मैं ओबीसी स्कॉलरशिप के आंकड़े पूछ रहा कि कितने बच्चों को छात्रवृत्ति दी और कुल कितने बच्चे थे? पूरा जवाब नहीं आया तो जूली ने मंत्री पर चीखते हुए कहा- जवाब नहीं देना है तो हम यहां से चले जाते हैं। इस पर संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने आपत्ति की। कहा-नेता प्रतिपक्ष का बर्ताव ठीक नहीं है। फिर दोनों में नोकझोंक शुरू हो गई। खाली सीटें देख देवनानी ने लगाई क्लास प्रश्नकाल खत्म होते ही ज्यादातर मंत्रियों, अधिकारियों के सदन से बाहर चले जाने और कई विधायकों के भी बाहर जाने पर स्पीकर ने क्लास लगाई। उन्होंने शून्य काल में संसदीय कार्य मंत्री को कहा-जनता ने सैर-सपाटे के लिए नहीं भेजा है। कहा-विधायक एक साथ इस तरह बाहर निकलते हैं मानो किसी बंधन से मुक्त हुए हो। सभी एक साथ ना उठे, इससे व्यवस्था गड़बड़ा जाती है। चुनाव हारे लोग व उनके बच्चे कर रहे उद्घाटन : विधायक विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान कांग्रेस व भाजपा विधायकों के बीच कई बार नोकझोंक हुई। कांग्रेस विधायक नरेंद्र बुडानिया ने हारे हुए भाजपा उम्मीदवारों से उद्घाटन करवाने पर सवाल उठाते हुए तंज कसे। विधायक बुडानिया ने कहा कि प्रदेश में जनादेश की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। चुनाव हारे हुए नेता और उनके बच्चे उद्घाटन कर रहे हैं। हारे हुए नेता गाड़ी में फीता व कैंची रखते है और लोगों से पूछते है कि कही उद्घाटन करना है क्या? इस पर भाजपा विधायकों ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय भी ऐसा ही होता था। इस पर बुडानिया ने कहा कि हमने किया तो कौन सा सही किया होगा। हारे हुए प्रत्याशी उद्घाटन करवाना गलत है, चाहे सरकार किसी भी पार्टी की हो। यह जनप्रतिनिधियों की गरिमा के खिलाफ है। सरकार 2 साल की खुशियां मना रही है और पट्टी पर स्थानीय विधायक का नाम नहीं होकर हारे हुए विधायक उम्मीदवार का नाम है।


