झारखंड में जल्द ही आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। हर पंचायत में हेल्थ कॉटेज और सभी सदर अस्पतालों में मेडिकल हाईटेक जापानी लेबोरेट्री बनाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। हाल ही में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने केंद्रीय आयुष एवं स्वास्थ्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रताप राव जाधव से मुलाकात कर इस विषय पर विस्तार से चर्चा की थी। केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार से विस्तृत प्रस्ताव भेजने को कहा है। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को जरूरी प्रस्ताव जल्द तैयार करने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि झारखंड में पंचायत स्तर पर हेल्थ कॉटेज बनने से ग्रामीण और आदिवासी इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। राज्य सरकार के अनुसार, आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय व हेल्थ कॉटेज के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। वहीं रिम्स सहित सभी सदर अस्पतालों में हाईटेक जापानी लैब स्थापित करने के लिए जरूरी आधारभूत संरचना पहले से मौजूद है। कुशल डॉक्टर तैयार होंगे, रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय खुलने से कुशल डॉक्टरों की फौज तैयार होगी। रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य शिक्षा के साथ आयुष पद्धति को मजबूती मिलेगी। लोगों के लिए आधुनिक सह समग्र चिकित्सा सुविधा सस्ती व सुलभ होगी। खासकर आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में। यह कदम राज्य के स्वास्थ्य ढांचे की मजबूती की दिशा में अहम माना जा रहा है।


