शंकर कुमार देवघरिया|रामगढ़ जिले के सदर अस्पताल को पूर्ण रूप से इको-फ्रेंडली अस्पताल बनाने की दिशा में सिविल सर्जन डॉ. महालक्ष्मी प्रसाद के निर्देश पर कदम उठाए जा रहे हैं। अस्पताल को कायाकल्प समेत कई अवार्ड मिलने के बाद, यहां के डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अस्पताल परिसर को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए काम कर रहे हैं। जिसके लिए अस्पताल परिसर में पांच सौ से भी ज्यादा फल, फूल और आयुर्वेदिक औषधि के पौधे लगाकर गार्डेन व परिसर को हरा-भरा बनाया जा रहा है। अस्पताल परिसर में आम, अमरूद ,जामुन, कटहल, इलायची, लौंग सहित तरह-तरह के फल-फूल के पौधे लहलहा रहे हैं। इतना ही नहीं पर्यावरण संरक्षण को लेकर अस्पताल में डेढ़ सौ केवीए का सोलर प्लांट भी लगा है। जिससे बिजली कटने के बाद जेनरेटर का भी प्रयोग नहीं के बराबर किया जा रहा है। सोलर प्लांट से ही अस्पताल को चलाया जा रहा है। सदर अस्पताल को हरा-भर बनाने की दिशा में प्रयास जारी है। जिसके लिए इंडोर गार्डेन को भी विकसित किया जा रहा है। जिससे यहां आनेवाले मरीजों को यह नहीं लगे कि वे अस्पताल में भर्ती है। अक्सर देखा जाता है कि पर्यावरण हराभरा रहने व फूलों की खुशबू से रोगी के मेंटल स्टेटस को दूर करने में सहायक है। जिसके कारण अस्पताल में इक्को फ्रेंडली बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इंडोर गार्डेन को भी किया जा रहा विकसित : सदर अस्पताल परिसर को हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से इंडोर गार्डेन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। जिससे रंग-बिरंगे फूल के पौधों व हरियाली को देख मरीजों की मानसिकता बदले व वे अपने-आप को बीमार ना महसूस करें। मरीज जल्द अस्पताल से स्वस्थ्य होकर अपने घर जा सकें।


