सदर अस्पताल, रांची ने एक जटिल और हाई-रिस्क केस में 69 वर्षीय महिला मरीज की सफल लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की । यह सर्जरी सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की क्षमता और डॉक्टरों की दक्षता को दर्शाती है। मरीज सुभद्रा देवी को पित्ताशय की गंभीर समस्या के कारण लेप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी की आवश्यकता थी। उन्हें दूसरी डिग्री एवी ब्लॉक की समस्या के चलते पहले से पेसमेकर लगा हुआ था। इस जटिल मेडिकल स्थिति के कारण कई निजी अस्पतालों ने सर्जरी से इनकार कर दिया था। इस जटिल सर्जरी में एनेस्थीसिया विभाग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज कुमार के नेतृत्व में डॉ. विकाश वल्लभ, डॉ. वसुधा गुप्ता और डॉ. ज्योतिका सिंह ने मरीज की प्री-ऑपरेटिव कार्डियक जांच, पेसमेकर की कार्यक्षमता की समीक्षा और ऑपरेशन के दौरान निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित की। एनेस्थीसिया तकनीशियन सुरेश, सरोज, अमन वर सीमा ने तकनीकी सहयोग किया। सर्जरी विभाग की ओर से विभागाध्यक्ष डॉ. अखिलेश झा और डॉ. इंदु शेखर ने पूरी सावधानी और अनुभव के साथ लेप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी को सफलतापूर्वक किया।


