शिवपुरी जिले के पिछोर अनुविभाग में सनघटा डेम की प्रस्तावित नहर पाइपलाइन के मार्ग बदलने के निर्णय पर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि इस बदलाव से पांच पंचायतों के करीब 12 गांव प्रभावित होंगे। ग्राम पडोरा निवासी ओम प्रकाश लोधी ने बताया कि पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने इस क्षेत्र के लिए पाइपलाइन स्वीकृत की थी। हालांकि, अब अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों के दबाव में नहर को दूसरे मार्ग पर मोड़ा जा रहा है। लोधी के अनुसार, जिस नए मार्ग पर नहर मोड़ी जा रही है, वहां पहले से ही पानी की पर्याप्त व्यवस्था है। इसके विपरीत, उनके गांव और आसपास के क्षेत्र सूखे की चपेट में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह निर्णय नहीं बदला गया तो किसान सिंचाई के अभाव में साल की दो फसलें नहीं ले पाएंगे। ग्रामीणों ने इस कदम को अन्यायपूर्ण बताते हुए शासन से मांग की है कि नहर पाइपलाइन को तत्काल उसके मूल स्वीकृत मार्ग पर बहाल किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो सभी गांवों के किसान बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।


