वाराणसी में समाजवादी पार्टी ने शहर में अलग अलग आयोजन के जरिए सरकार से लेकर आम आदमी तक का ध्यान खींचा। पूर्व पार्षद ने चाइनीज मांझे पर सरकार को घेरा तो दूसरी तरफ समाजवादी शिक्षक सभा ने संगोष्ठी के जरिए हमला बोला, चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह भी अपने वाराणसी स्थित आवास पर रेलवे के निजीकरण के मुद्दे पर और महाकुम्भ को लेकर आक्रामक दिखे। जालीदार कवच ही बचाएगी जान पूर्व पार्षद रविकांत विश्वकर्मा स्टील की जालीदार पाइप अपने गले में डाल रखी थी। गोदौलिया और आसपास के इलाकों में हाथों में तख्ती लेकर पैदल निकले तो लोग कौतूहलवश देखने लगे। कहा कि ये सुरक्षा कवच ही जान बचा सकता है। भारत में बैन होने के बाद भी ये लोगों का गला रेत रहा। शिक्षकों के हितों पर हो रहा कुठाराघात समाजवादी शिक्षक महासभा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की तरफ वाराणसी में शिक्षक सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद लाल बिहारी यादव ने कहा कि वर्तमान में लोकतांत्रिक संस्थाओं को उनके वास्तविक उद्देश्य से विमुख किया जा रहा, शिक्षकों के हित से खिलवाड़ हो रहा, संविधान खतरे में हैं। एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने कहा कि शिक्षकों के साथ सरकार का रवैया सही नहीं है, विधान परिषद में इसका पुरजोर विरोध होता है। शिक्षक महासभा के राष्ट्रीय महासचिव कुलदीप यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी शिक्षकों के साथ खड़ी है। उधर, सपा के चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह ने मोदी सरकार पर रेलवे के निजीकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार सिर्फ पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है। मदनपुरा में मंदिर को लेकर चल रहे विवाद पर कहा कि काशी महादेव की नगरी है, यह गंगा जमुनी तहजीब का शहर है, कुछ लोग जानबूझकर माहौल खराब कर रहे।


