गुरमीत लूथरा स्नेक रेस्क्यू मेन के नाम से अशोक जोशी 14 साल में 7 हजार से ज्यादा सांपों को रेस्क्यू कर चुके हैं। एनिमेल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया के अधीन आते सोसायटी फॉर द प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स विभाग से रिटायर अशोक जोशी स्नेक रेस्क्यू का काम निस्वार्थ भाव से कर रहे हैं। साल 2011-12 में सांपों का रेस्क्यू करने के लिए सपेरे लोगों से न सिर्फ ज्यादा पैसे मांगते थे बल्कि हांथ-पांव जोड़ने के बावजूद समय पर नहीं पहंुंचते थे। सपेरों से परेशान लोगों को देखकर अशोक जोशी ने खुद पहल करते हुए सांप पकड़ने शुरू कर दिए। तब से यह सिलसिला यूं ही जारी है। दिन हो या रात, सर्दी हो या गर्मी एक फोन कॉल पर जोशी सांप को रेस्क्यू करने पहुंच जाते हैं। 60 साल के अशोक जोशी की सेवाएं न सिर्फ आम लोग बल्कि सरकारी विभागों के अधिकारी भी ले रहे हैं। हाल ही में उन्होंने तरनतारन रोड पर ओवरब्रिज के लिए खोदे गए 30 फुट गड्ढे से एक साथ 100 सांप निकालने का कीर्तिमान भी स्थापित किया है। यही नहीं उन्होंने फतेहगढ़ चूडियां रोड, मजीठा बाईपास स्थित पालम गार्डन आबादी में घुस आए घायल उल्लू का रेस्क्यू कर इलाज करने के बाद जंगल में छोड़ा। 2018 को एसपीसीए के इंस्पेक्टर पद से सेवामुक्त होने के बावजूद अशोक जोशी ने सेवा के जनून को नहीं छोड़ा है। 5 जुलाई 2025 को रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मुद्दल के जंगलों में आजाद करने के दौरान कोबरा ने उन्हें काट भी लिया था। इसके चलते एक हफ्ते तक अस्पताल में दाखिल रहे। जोशी को अभी तक करीब 15 बार सांप काट चुका हैं मगर उनका हौसला कम नहीं हुआ।


