सफाई व्यवस्था का कचरा:स्वीपर ट्रक; नियम-10 किमी प्रतिघंटा की स्पीड, 40 पर दौड़ रहे, सालाना 20 करोड़ रुपए धूल में मिल रहे

नगर निगम की मैकेनाइज्ड स्वीपिंग व्यवस्था हकीकत में सफाई कम और कागजी टारगेट पूरा करने का जरिया बनकर रह गई है। ट्रक माउंटेन रोड स्वीपर मशीनों को 32 किलोमीटर सड़क तीन घंटे 12 मिनट में साफ करने का टारगेट है, लेकिन ये मशीनें 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाई जा रही हैं। इससे 32 किलोमीटर की दूरी महज 60 मिनट में पूरी हो रही है। इससे सड़क की सफाई नहीं होती, सिर्फ किलोमीटर पूरे कर दिए जाते हैं। दैनिक भास्कर ने कई ट्रक माउंटेन रोड स्वीपर मशीनों का पीछा किया तो मशीनें तेज रफ्तार से सड़कों पर दौड़ती दिखी। जबकि डिवाइडर के पास जमी मिट्टी और कचरा जस का तस पड़ा हुआ है। तेज गति के कारण न तो ब्रश सही तरीके से काम कर पा रहे हैं और न ही कचरा उठ पा रहा है। मिट्टी सड़क पर ही फैल रहती है, जिससे सफाई का मूल उद्देश्य ही खत्म हो जाता है। सड़क पर रॉग साइड से करते सफाई नियमों के अनुसार सड़क की सफाई स्वीपर मशीनों के दोनों ओर लगे लोहे के ब्रश से होनी चाहिए, ताकि डिवाइडर और सड़क किनारे जमी मिट्टी पूरी तरह हटाई जा सके। हकीकत यह है कि अधिकतर ट्रक माउंटेन मशीनें सड़क पर रॉन्ग साइड चलती नजर आ रही हैं। इसके कारण एक तरफ का ब्रश जमीन से संपर्क में ही नहीं आता। स्वीपर मशीन के बाद झाड़ू लगानी पड़ रही टोंक रोड, जेएलएन मार्ग, मानसरोवर, जगतपुरा, झोटवाड़ा, हरमाड़ा, चौमूं सर्किल, शास्त्री नगर, परकोटा, आमेर रोड, आगरा रोड, प्रताप नगर और एमआई रोड जैसी प्रमुख सड़कों पर रोड स्वीपर चलने के बाद भी दोबारा हाथ से झाड़ू लगानी पड़ रही है। करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद सफाई नहीं होना नगर निगम की कार्यप्रणाली और मॉनिटरिंग सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 20 से अधिक रोड स्वीपर मशीनें चल रहीं पर सफाई नहीं हो रही निगम ने 20 से अधिक रोड स्वीपर मशीनें लगा रखी हैं। हर माह करीब 5 लाख रुपए प्रति मशीन देते हैं। सालाना खर्च करीब 20 करोड़ रुपए तक पहुंच जाता है। इसके बावजूद मुख्य सड़कों की हालत नहीं सुधर रही। अधिकारियों की निगरानी फील्ड में न होकर सिर्फ व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम तक है। यह सिस्टम केवल तय की गई दूरी दर्ज करता है, लेकिन यह नहीं बताता कि सफाई वास्तव में हुई या नहीं। इसी आधार पर ठेकेदारों के बिल बन रहे हैं। सफाई के बावजूद भी सड़कों पर मिट्‌टी साफ ही नहीं होती है। उपायुक्त की सफाई… नियमों से काम कर रही स्वीपर
“रोड स्वीपर नियमों के तहत की काम कर रहे हैं। इन्हें हर दिन सफाई के लिए सड़क आवंटित कर रखी है। अधिकारी काे भी नियमिति मॉनिटरिंग करने के निर्देश दे रखे हैं। अगर किसी को शिकायत है तो निगम में कर सकते हैं।” -अर्पणा शर्मा, उपायुक्त, गैराज

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