नव वर्ष के अवसर पर समसगढ़ में आचार्य श्री 108 विनम्र सागर महाराज के सानिध्य में अति प्राचीन शांतिनाथ, कुंथुनाथ और अरहनाथ भगवान का महामस्तकाभिषेक और शांतिधारा का आयोजन किया गया। आचार्य संघ का मंगल प्रवेश रविवार सुबह आचार्य श्री के साथ 8 मुनि महाराज और 9 आर्यिका संघ का समसगढ़ में मंगल प्रवेश हुआ। इस दौरान उनकी अगवानी ट्रस्ट के मंत्री मनोज आर एम की नेतृत्व में ट्रस्टी विपिन, MPT ऋषभ कोतवाली, सुनील पब्लिशर्ध, अभिराज एडवोकेट और सैकड़ों समाज जन ने श्रद्धा भाव से की। महामस्तिक अभिषेक और आचार्य श्री का प्रवचन इसके बाद भक्तों ने श्रद्धा से अभिषेक और शांतिधारा की। इस दौरान आचार्य श्री ने अपने प्रवचन में कहा, “यह प्राचीन क्षेत्र हमारी धरोहर है, जो यह बताता है कि हमारा जैन धर्म सबसे प्राचीन धर्म है। जब भी इस क्षेत्र पर जाएं, तो सदैव अपनी योग्यतानुसार दान आदि से पुण्य अर्जित करें।” कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।


