समाजसेवी चिंताराम टिकरिहा की जीवनगाथा पर बनी डॉक्यूमेंट्री:छत्तीसगढ़ के पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग; 20 देशों में सराहा गया

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के प्रसिद्ध समाजसेवी चिंताराम टिकरिहा की जीवनगाथा पर बनी डॉक्यूमेंट्री ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर धूम मचा दी है। यूट्यूब चैनल वैदिक राज पर प्रसारित इस फिल्म को 3 लाख से अधिक दर्शकों ने देखा है। यह फिल्म दुबई, अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया और चीन सहित 20 से अधिक देशों में सराही गई है। रायपुर आर्ट, फिल्म एंड लिटरेचर फेस्टिवल में इस फिल्म को विशेष सम्मान मिला। वहीं, इसे राज्य के पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की गई है। कुर्मी समाज पलारी राज के वार्षिक अधिवेशन और बलौदाबाजार के जिला स्तरीय युवा महोत्सव में भी फिल्म को सम्मानित किया गया। चिंताराम टिकरिहा ने छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक स्थल तुरतुरिया मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। डॉक्यूमेंट्री पर बनी पुस्तक का विमोचन 6 जनवरी 2025 को बुड़गहन में डॉक्यूमेंट्री का अनावरण और पुस्तक विमोचन किया गया। कार्यक्रम में चिंताराम के पुत्र दाऊ धनेश टिकरिहा और पौत्र डॉ. दीपक टिकरिहा सहित हजारों लोग शामिल हुए। समारोह में इंद्र कुमार वर्मा, इंदु वर्मा, अनिल वर्मा और तुरतुरिया मंदिर के पुजारी राम बालक दास को चिंताराम सम्मान 2025 से सम्मानित किया गया। राज्य के पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अध्यक्ष खोड़स राम कश्यप ने चिंताराम की जीवनी को राज्य के पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की है। उनका मानना है कि इससे आने वाली पीढ़ियां दृढ़ इच्छाशक्ति, संकल्प और अनुशासन जैसे गुण सीख सकेंगी। इस मांग के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी शुरू हो चुका है।

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