नव दिवसीय गुप्त नवरात्रि का समापन नवमी तिथि को हवन-पूजन और भंडारे के साथ श्रद्धा व उल्लासपूर्वक किया गया। सुबह 11 बजे तक गुप्त मातेश्वरी मंदिर में विधिवत हवन-पूजन संपन्न हुआ। इसके बाद दोपहर एक बजे के पश्चात जवारे और खप्परों का भव्य चल समारोह नगर क्षेत्र में निकाला गया। डीजे की धुन पर माता के भजनों और जस के बीच बड़ी संख्या में महिलाएं और बालिकाएं सिर पर खप्पर-कलश धारण कर शामिल हुईं। चल समारोह के दौरान नगर के प्रमुख चौक-चौराहों पर श्रद्धालुओं ने आरती उतारकर स्वागत किया। गुप्त मातेश्वरी मंदिर में नौ ज्योतों का अखंड प्रज्वलन, 111 खप्परों और बारी की स्थापना नगर क्षेत्र में गुप्त नवरात्रि के अंतर्गत पहला आयोजन रहा, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक अनुष्ठान हुए नवरात्रि के नौ दिनों तक मंदिर परिसर में माता के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक अनुष्ठान आयोजित हुए। नगर की धार्मिक मंडलियों और महिलाओं ने माता के जस, कीर्तन और भजनों की शृंखला प्रस्तुत कर पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से सराबोर रखा। कार्यक्रम के मार्गदर्शक पंडित राजेंद्र शास्त्री ने बताया कि नगरवासियों के सहयोग से नौ ज्योत, 111 खप्पर और बारी की स्थापना कर एक नया कीर्तिमान स्थापित हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से नगर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। चल समारोह का समापन करबला स्थित धार्मिक कुंड पर जवारे विसर्जन के साथ हुआ, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


