समीक्षा:गृहमंत्री ने गो तस्करी मामले में वाहनों को राजसात कर नीलामी के दिए हैं निर्देश

गो तस्करी के 785 प्रकरणों में 544 वाहन पकड़ाए लेकिन एक की भी नहीं हुई नीलामी गोवंशों की तस्करी रोकने अब सरकार सख्त रवैय्या अपनाने वाली है। वाहनों के राजसात की कार्रवाई में तेजी लाने के साथ उनकी नीलामी के निर्देश गृहमंत्री विजय शर्मा ने दिए हैं।
इधर, बीते साढ़े तीन साल के आंकड़ों पर अगर ध्यान दिया जाए तो 785 प्रकरणों पर कार्रवाई की गई है। इसमें 544 वाहन जब्त किए गए हैं, लेकिन एक भी वाहनों की नीलामी नहीं हो पाई है। इसके लिए अब गृहमंत्री ने ठोस कार्रवाई की बात कही है। उनका कहना है कि गोवंश तस्करी ​सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि संगठित अपराध है। उन्होंने गोवंश तस्करी में उपयोग होने वाले वाहनों के खिलाफ राजसात की कार्रवाई को तेज करने और नीलामी प्रक्रिया को पारदर्शी रूप से पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि कितने वाहन राजसात हुए, नीलामी हुई, कितने मामलों में कार्रवाई नहीं हुई और क्या कलेक्टर स्तर पर उचित प्रक्रिया अपनाई गई। शर्मा ने कहा कि कई बार नेशनल हाईवे पर बैरिकेडिंग अपर्याप्त साबित होती है, इस पर ध्यान देने की जरूरत है। इसलिए पूरी सप्लाई चेन को समझकर कार्रवाई की जाए। गोवंश तस्करी को केवल कठोर और संगठित कार्रवाई से ही रोका जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगली बैठक में प्रत्येक जिले को राजसात, नीलामी, दर्ज किए गए केस और सफेमा व रासुका जैसी धाराओं के तहत की गई कार्रवाइयों का पूरा ब्यौरा देना होगा। ‘ऑपरेशन शंखनाद’ ने बचाए 900 मवेशी ‘ऑपरेशन शंखनाद’ से 9 सौ से अधिक गोवंश बचाए गए गोवंश तस्करी पर पूरी तरह से रोक लगाने जशपुर पुलिस द्वारा एसएसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में ‘ऑपरेशन शंखनाद’ चलाया जा रहा है। अब तक की कार्रवाई में 900 से अधिक गौवंशों को तस्करी से बचाया गया है। इस मामले में 123 तस्करों को गिरफ्तार किया गया, वहीं 46 वाहनों को जब्त किया गया है। जनसहयोग से मिली सूचना के आधार पर जशपुर पुलिस कई गांवों में तड़के ही घेराबंदी कर यह कार्रवाई कर रही है। इसमें लगातार सफलता मिल रही है।
इधर, गोवंश तस्करी पर सख्ती के साथ रोक लगाने निर्देश गृहमंत्री शर्मा ने गुरुवार को मंत्रालय में गोवंश तस्करी जैसे गंभीर अपराध पर सख्ती से रोक लगाने के लिए सभी जिलों के नोडल अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक ली। बैठक में उन्होंने जिलेवार समीक्षा की और 15 जुलाई 2024 को जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत अब तक की गई कार्रवाइयों के बारे में पूछा। शर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नोडल अधिकारियों को न केवल एसओपी की पूरी जानकारी होनी चाहिए, बल्कि इस पर ठोस कार्रवाई के प्रमाण भी प्रस्तुत करने होंगे।
गोसेवकों का बढ़ाएं मनोबल
उपमुख्यमंत्री ने गोसेवा और एनसीसी जैसे क्षेत्रों से जुड़े युवाओं को चिह्नांकित करने सुझाव दिया। इसके लिए पास जारी कर पुलिस और युवाओं के बीच बेहतर संवाद करने पर बल दिया। साथ ही निस्वार्थ भाव से सेवा करने वाले गोसेवकों को सूचीबद्ध कर उनका मनोबल बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने गोसेवकों से प्राप्त सूचनाओं को गंभीरता से लेने और टेक्नोलॉजी का उपयोग कर सतर्क तंत्र विकसित करने कहा।

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