सरकारी तंत्र को 12 साल करते रहे गुमराह:पुलिस, एलआईयू, नगर निगम कोई नहीं जान सका बांग्लादेशी दंपत्ति की सच्चाई, भारतीय मानकर करते रहे वैरिफिकेशन

अलीगढ़ के दबोचे गए बांग्लादेशी दंपत्ति सिराज और हलीमा ने भारत के सरकारी तंत्र पर एक बड़ा सवालिया निशान भी लगा दिया है। दोनों आरोपी 12 सालों तक न सिर्फ खूफिया एजेंसियों, लोकल इंटेलीजेंस से बचे रहे, बल्कि सरकारी दस्तावेज भी बनवाते रहे। विभिन्न विभागों को गुमराह करके दोनों आरोपी अलीगढ़ के मूल निवासी तक बन गए। इन्होंने अपना जन्म स्थान भी अलीगढ़ ही दिखा दिया। एटीएस को इनके पास से वोटर कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, आय प्रमाण पत्र, पासपोर्ट जैसे दस्तावेज मिले हैँ। जिन्हें बनवाने के लिए पुलिस वैरिफिकेशन से लेकर लोकल एलआईयू तक की रिपोर्ट ली जाती है। चौकाने वाली बात यह है कि किसी को भी इन दोनों पर कभी संदेह नहीं हुआ। नगर निगम से बन गया जन्म प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार करने के बाद सिराज पूरी तरह से भारतीय नागरिक बन गया और 2016 में उसने भारतीय पासपोर्ट भी बनवा लिया। पासपोर्ट बनवाने के लिए उसे जन्म प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ी थी। उसने अलीगढ़ नगर निगम से ही जन्म प्रमाणपत्र बनवाया था और खुद का जन्म अलीगढ़ में ही दिखाया था। आरोपी की पत्नी का पासपोर्ट फरवरी 2022 में बना था। इससे पहले हलीमा का भी जन्म प्रमाणपत्र बनवाया गया। नगर निगम ने बिना किसी पुख्ता जांच के दोनों को जन्म प्रमाणपत्र जारी कर दिया और यह दोनों अलीगढ़ के मूल निवासी भी बन गए। अब दोनों पति-पत्नी यूरोपियन देश ग्रीक जाने वाले थे। कई बार मिले रोहिंग्या-बांग्लादेशी अलीगढ़ में कई बार पुलिस ने रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को अवैध रूप से रहते हुए गिरफ्तार किया। एटीएस भी अलीगढ़ में अवैध रूप से भारत आने वालों पर कार्रवाई कर चुकी है। लेकिन दोनों शातिर दंपत्ति इनकी आंखों में भी धूल झोंकने में सफल रहे। एटीएस ने 24 जुलाई 2023 को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अभियान चलाकर अवैध रूप से रहने वाले 74 रोहिंग्या मुसलमानों को गिरफ्तार किया था। इसमें 17 अलीगढ़ से दबोचे गए थे। उस समय भी दोनों पति-पत्नी सुरक्षा एजेंसियों की नजर में नहीं आए थे और बचे रहे थे। 4 महीने पहले हलीमा बांग्लादेश भी होकर आई है। सिराज-हलीमा के जरिए मिलेगा नेटवर्क सुरक्षा एजेंसियां अब सिराज और हलीमा के जरिए बांग्लादेशियों के नेटवर्क को तलाशने में जुटी हैं। इस नेटवर्क के लोग ही बॉर्डर पार कराकर अवैध रूप से देश में घुसपैठ कराते हैं। इसके बाद इनके भारतीय दस्तावेज तैयार करा देते हैं। सिराज हलीमा से उन सभी लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है, जो बांग्लादेशी/रोहिंग्या गिरोह से जुड़े हुए हैं। इन लोगों पर भी शिकंजा कसने का प्लान तैयार किया जाएगा। जिससे कि इस तरह से देश में रहने वाले घुसपैठियों की जानकारी करके उन्हें गिरफ्तार किया जा सके। आतंकी संगठन से भी हो सकते हैं संबंध दोनों की गिरफ्तारी के बाद इनसे एटीएस की पूछताछ लगातार जारी है। सिराज पिछले 12 सालों में साउदी अरब, दुबई, बांग्लादेश जैसे देशों की यात्रा कर चुका है। अब वह यूरोपियन देश ग्रीक का वीजा मांग रहा था। ऐसे में यह भी संदेह है कि उसका संपर्क किसी आतंकी संगठन से भी हो सकता है। इन्हीं गतिविधियों के चलते वह विभिन्न देशों की यात्रा कर चुका है। एटीएस की कार्रवाई के बाद अलीगढ़ पु़लिस भी सतर्क हो गई है और खूफिया तरीके से मामले की जांच शुरू कर दी है। देखा जा रहा है कि इन दोनों के संपर्क में कौन-कौन लोग थे। वहीं इनके दस्तावेजों को तैयार करने के समय किन लोगों ने इनका साथ दिया था।

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