सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से लाखों रुपए ठगने वाले आरोपी अनिल रसेनिया के खिलाफ शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। क्राइम ब्रांच की जांच में आरोपी के लैपटॉप से कई फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद हुए हैं, जिन पर उसने खुद साइन और सील लगाई थी। एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच, राजेश दंडोतिया ने बताया कि आरोपी से कुछ अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं। फिलहाल अनिल रसेनिया को 14 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर रखा गया है। उससे पूछताछ के दौरान उसके नेटवर्क और साथियों की जानकारी जुटाई जा रही है। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले अनिल रसेनिया के खिलाफ नए खुलासे हुए हैं। आरोपी ने 128 युवाओं को ठगी का शिकार बनाया, जिनमें से 60 युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ट्रेनिंग के लिए बुलाया गया था। डॉक्यूमेंट्स में खुद करता था साइन क्राइम ब्रांच ने आरोपी के पास से कुछ अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। इनमें फर्जी नियुक्ति पत्र भी शामिल हैं, जिन्हें आरोपी खुद साइन और सील लगाकर जारी करता था। इन नियुक्ति पत्रों को युवाओं को ट्रेनिंग के बाद दिया जाता था। एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच, राजेश दंडोतिया ने बताया कि मामले का खुलासा होने के बाद कई और पीड़ित अपनी शिकायत लेकर क्राइम ब्रांच पहुंचे हैं। इन शिकायतों को जांच में शामिल किया जा रहा है। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी के अन्य साथी भी ठगी के इस गिरोह में शामिल थे। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। अनिल रसेनिया 14 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर है, और उससे नेटवर्क के अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।


