राजस्थान में सरकारी राशन केन्द्रों से गेहूं कम मिलने की झंझट अब हमेशा के लिए खत्म होने वाली है। गरीब परिवारों को गेहूं वितरण में होने वाली गड़बडिय़ों को रोकने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने यह नवाचार किया है। इसके तहत अब राशन की दुकानों पर रखी जाने वाली पॉश मशीन और गेहूं तोलने वाले कांटे (इलेक्ट्रॉनिक तराजू) को ब्लूटूथ के जरिए आपस में जोड़ दिया जाएगा। इस नई तकनीक के आने के बाद दुकानदार चाहकर भी तोल में हेराफेरी नहीं कर पाएगा, क्योंकि अब 10 या 20 ग्राम गेहूं की चोरी भी मशीन तुरंत पकड़ लेगी। फरवरी से गेहूं वितरण में इसी मॉडल को अपनाया जाएगा। मशीन OK बोलेगी तभी तोल की पर्ची आएगी बाहर इस नए सिस्टम की सबसे बड़ी खूबी यह है, कि जब तक तराजू पर गेहूं का वजन पूरा नहीं होगा, तब तक पॉश मशीन से रसीद ही नहीं निकलेगी। यानी अगर आपके हक का 10 किलो गेहूं है, तो तराजू पर पूरा 10 किलो वजन होने के बाद ही मशीन OK बोलेगी और पर्ची बाहर आएगी। इससे उपभोक्ताओं को यह तसल्ली रहेगी कि जितना पर्ची में लिखा है, उतना ही माल उनके थैले में भी गया है। इसके लागू होने के बाद उपभोक्ताओं और दुकानदार दोनों को फायदा होगा। अब राशन दुकानदार वजन में नहीं करेंगे गड़बड़ी असल में कई बार राशन दुकानदार मशीन में तो पूरा वजन चढ़ा देते थे, लेकिन तोलते समय चुपके से हाथ की सफाई दिखा देते थे। लेकिन अब यह खेल पूरी तरह बंद हो जाएगा। उदयपुर जिले में हर महीने बांटा जाता है करीब 7700 मीट्रिक टन गेहूं जिला रसद अधिकारी मनीष भटनागर ने बताया कि इस नए मॉडल को इसी फरवरी महीने से लागू करने की तैयारी है। अकेले उदयपुर जिले में हर महीने करीब 7700 मीट्रिक टन गेहूं बांटा जाता है, जिसमें पूरी पारदर्शिता देखने को मिलेगी। राजस्थान के सभी जिलों में फरवरी महीने में 21.33 लाख एमटी गेहूं वितरण के लिए आवंटित हुआ है। राशन डीलर्स के लिए 8 फरवरी तक की डेडलाइन तय राज्य सरकार ने सभी जिलों में यह करने के लिए राशन डीलर्स के लिए 8 फरवरी तक की डेडलाइन तय की है। इस तारीख तक सभी राशन डीलरों को अपने पॉश मशीन, तराजू और मशीनों को ब्लूटूथ से कनेक्ट करना ही होगा। वजन थोड़ा भी कम-ज्यादा हुआ तो नहीं निकलेगी पर्ची भटनागर ने बताया कि अगर वजन थोड़ा भी कम या ज्यादा हुआ, तो पर्ची नहीं निकलेगी, जिससे स्टॉक में गड़बड़ी की गुंजाइश भी खत्म हो जाएगी। पर्ची होने से विभाग में शिकायत करने पर भी आसानी होगी। यदि इसमें गड़बड़ी आए तो वह मौके पर ही दुकानदार को बता सकते हैं। समाधान नहीं होने पर रसद विभाग को इस संबंध में शिकायत दर्ज करवा सकते है।


