सरकार ने की नई पहल:झारखंड की 31 ​जेलों में सिर्फ चार में जेलर, अब रिटायर्ड सैन्य अधिकारी की कॉन्ट्रैक्ट पर की जाएगी नियुक्ति

झारखंड की जेलों में खाली पड़े जेलर और सहायक जेलर के पदों को भरने के लिए सरकार ने नई पहल की है। कारा एवं सुधारात्मक सेवाएं निरीक्षणालय ने सेना से सेवानिवृत्त अधिकारियों को अनुबंध के आधार पर नियुक्त करने का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा है। मंजूरी मिलने के बाद रिटायर्ड सैन्य अधिकारी राज्य की जेलों में जेलर और सहायक जेलर की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। राज्य की 31 जेलों में फिलहाल जेलर के 27 और सहायक जेलर के 45 पद रिक्त हैं। इन पदों के खाली रहने से जेलों की प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कई जगहों पर जूनियर कर्मचारियों को प्रभार देकर काम चलाया जा रहा है। जेलर का पद प्रमोशन से भरा जाता है, इसलिए सीधे बहाली संभव नहीं है। सहायक जेलर आठ वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद ही जेलर पद के लिए पदोन्नति के पात्र होते हैं। इस कारण लंबे समय तक पद खाली रहने की आशंका है। इसी को देखते हुए तात्कालिक व्यवस्था के तौर पर सेना के रिटायर्ड अधिकारियों को अनुबंध पर रखने का प्रस्ताव भेजा गया है। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है चार जेलरों में एक सस्पेंड, 45 सहायक जेलर की नियुक्ति के लिए वैकेंसी निकली अभी चार जेलरों में एक मुस्तकीम अंसारी निलंबित हैं। अंजय श्रीवास्तव हजारीबाग, प्रमोद सिंह देवघर और धर्मशीला देवी गिरिडीह जेल में पदस्थापित हैं। सहायक जेलरों में सरायकेला में सोनू कुमार, घाघीडीह जमशेदपुर में बबलू गोप,होटवार जेल रांची में लवकुश व धनबाद जेल में दिनेश कार्यरत हैं। हालांकि सहायक जेलर के 45 पदों पर नियुक्ति के लिए वैकेंसी निकाली गई है, पर चयन प्रक्रिया पूरी होने में समय लगेगा। इसे देखते हुए अंतरिम समाधान के रूप में यह प्रस्ताव लाया गया है। सूबेदार मेजर, सूबेदार और नायाब सूबेदार पद से रिटायर अफसर बन सकते हैं जेलर प्रस्ताव के अनुसार भारतीय सेना के जूनियर कमीशंड ऑफिसर (जेओसी) सूबेदार मेजर, सूबेदार और नायब सूबेदार पद से रिटायर अधिकारियों की नियुक्ति की जा सकती है। सूबेदार मेजर 34 वर्ष की सेवा या 54 वर्ष की आयु (जो पहले हो) में सेवानिवृत्त होते हैं, जबकि सूबेदार/नायब सूबेदार 28-30 वर्ष की सेवा या 52 वर्ष की आयु (जो पहले हो) में रिटायर होते हैं। राज्य में जेलर और सहायक जेलर की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष है। आर्म्स और ड्रिल जरूरी… सैन्य अफसर इसमें दक्ष: झारखंड जेल मैनुअल के अनुसार जेलर और सहायक जेलर यूनिफॉर्म कैडर के पद हैं। इन्हें आर्म्स चलाने और मिलिट्री ड्रिल का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से होना चाहिए। सेना से सेवानिवृत्त जूनियर कमीशंड ऑफिसर इन सभी योग्यताओं में दक्ष होते हैं। साथ ही वे 60 वर्ष से पहले सेवानिवृत्त हो जाते हैं। इसी आधार पर उनकी नियुक्ति का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय गृह विभाग की मंजूरी के बाद होगा।

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