भजनलाल सरकार ने गहलोत राज में बने 17 नए जिलों में से गंगापुर सिटी सहित 9 जिलों और 3 संभागों (पाली, सीकर, बांसवाड़ा) को खत्म कर दिया है। शनिवार को कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया है। इससे शहर के लोगों को फिर 82 किमी दूर सवाई माधोपुर जिले में काम के लिए जाना पड़ेगा। इसके साथ ही लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। पूर्व की कांग्रेस सरकार ने गंगापुर सिटी जिले की मान्यता दी थी, लेकिन शनिवार को कैबिनेट की बैठक में इसे खत्म कर दिया गया। इसके बाद से स्थानीय लोगों ने जिले के रद्द होने को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। गंगापुर सिटी जिले को कांग्रेस सरकार ने मंजूरी दी थी, लेकिन सरकार बदलने के बाद भाजपा सरकार ने नए जिलों के गठन के लिए एक कमेटी का गठन किया था। इसके बाद से जिले के रद्द होने की संभावना जताई जा रही थी। इसी बीच भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने एक कार्यक्रम में सांचौर सहित अन्य जिलों को रद्द करने का बयान दिया था। इसके बाद पूर्व मंत्री सुखराम बिश्नोई के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए अनशन किया था। नए जिले में 5 उपखंड, 7 तहसील, आबादी करीब 12 लाख
गंगापुर जिले में पांच उपखंड और सात तहसीलों को शामिल किया गया था। नए गंगापुर जिले की अब कुल आबादी लगभग 12 लाख थी। मतदाताओं की संख्या देखी जाए तो करीब 8.25 लाख मतदाता थे। उपखंड: गंगापुर सिटी, बामनवास, वजीरपुर, नादौती, टोडाभीम
नए जिलों पर कैबिनेट सब कमेटी बनाई थी।गंगापुर सिटी, बामनवास, बरनाला, वजीरपुर, तलावड़ा, नादौती और टोडाभीम


