20 जनवरी से हड़ताल पर जाने का ऐलान कर चुके पंजाब के सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों को राज्य सरकार ने मीटिंग के लिए बुलायज्ञ है। डॉक्टरों से 7 जनवरी को फाइनेंस मंत्री हरपाल सिंह चीमा मीटिंग करेंगे। मीटिंग दो बजे शुरू होगी। इसमें डॉक्टरों से जुड़े हर मुद्दे पर मंथन होगा। एसोसिएशन के प्रधान अखिल सरीन ने मीटिंग का न्योता मिलने की पुष्टि की है। 16 सप्ताह में भी अधिसूचना नहीं की जारी डॉक्टरों द्वारा हड़ताल पर जाने का फैसला पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (PCMSA) के बैनर तले लिया गया था। डॉक्टरों का कहना है कि उनके द्वारा आंदोलन पर जाने के समय सरकार ने जो मांगे मानने पर सहमति जताई थी। 16 सप्ताह बीतने के बाद उन मांगों को लागू करने के लिए अभी तक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। जिससे डॉक्टरों में गुस्सा है। उन्होंने कहा उनकी मुख्य मांगों में डॉक्टरों के लिए एक स्थाई योजना, चिकित्सा अधिकारियों, विशेषज्ञों और पैरामेडिक्स की बड़ी कमी को पूरा करना और स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा उपाय उपलब्ध कराना शामिल था।
सितंबर में डॉक्टर हड़ताल पर गए थे इससे पहले पीसीएमएसए के सदस्यों ने पिछले वर्ष सितम्बर में कई दिनों तक राज्य भर के अस्पतालों और स्वास्थ्य देखभाल केन्द्रों में आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर अपना काम बंद कर दिया था। इसके बाद सेहतमंत्री बलबीर सिंह व प्रशासन के अधिकारियों ने संघर्ष पर चल रहे डॉक्टरों से मीटिंग की थी। साथ ही कई मांगों को पहल के आधार पूरा करने का आश्वासन दिया था।


