सरगुजा के निजी स्कूलों की मनमानी की शिकायत पीएमओ से:जिला शिक्षा अधिकारी ने बनाई जांच कमेटी, एक माह बाद भी नहीं मिली रिपोर्ट

सरगुजा जिले के निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी की शिकायत अभिभावकों ने पीएमओ से की है। पीएमओ से जिला शिक्षा अधिकारी को इस संबंध में पत्र मिला तो सरगुजा जिला शिक्षा अधिकारी ने शिकायत की जांच के लिए जांच कमेटी बनाई है। कमेटी को 10 दिनों में रिपोर्ट देने कहा गया था, लेकिन एक माह बाद भी रिपोर्ट नहीं दी गई है। जानकारी के मुताबिक, सरगुजा जिले में निजी स्कूलों में प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें चलाते हुए मनमानी करने एवं लूट की शिकायत मध्यम वर्गीय अभिभावकों ने पीएमओ से की है। पीएमओ से शिकायत की जांच के लिए सरगुजा जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजा गया है। सरगुजा जिला शिक्षा शिक्षा अधिकारी ने अंबिकापुर एसडीएम फागेश सिन्हा की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई है। 10 दिनों में मांगी रिपोर्ट, एक माह बाद भी नहीं मिली
सरगुजा डीईओ डा. दिनेश झा ने 10 नवंबर 2025 को जांच कमेटी बनाते हुए 10 दिनों में रिपोर्ट मांगी थी। अधिकारी एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जांच नहीं कर पाए हैं। बताया गया है कि एसआईआर में व्यस्तता के कारण स्कूलों की जांच नहीं हो सकी। जांच कमेटी में बीईओ उदयपुर रविकांत यादव, बीईओ अंबिकापुर प्रदीप राय, प्रिंसिपल रामकुमार यादव, अमरदीप गुप्ता, संजीव सिंह, एबीईओ आलोक सिंह, रिटायर्ड प्रिंसिपल आर एल बैस, विनोद गुप्ता शामिल हैं। स्कूलों में चलाई जा रही निजी पब्लिकेशन की किताबें
अभिभावक संघ के अध्यक्ष नीलेश सिंह ने बताया कि सभी बड़े निजी स्कूलों में प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें चलाई जा रही हैं जो काफी महंगी हैं। एनसीआरटी की किताबें उपलब्ध नहीं होने का हवाला देकर निजी पब्लिकेशन की किताबें निजी स्कूल चला रहे हैं। इसके अलावे खास कंपनी की ड्राइंग, राइटिंग बुक मंगाई जाती है जो अपेक्षाकृत दोगुने दाम में बिकते हैं। प्राइवेट स्कूल हर दूसरे वर्ष किताबें बदल रहे हैं। इस कारण अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। इसकी शिकायत पीएमओ से की गई है, लेकिन अधिकारी एक माह बाद भी जांच तक नहीं कर सके हैं।

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