सरगुजा के 5 सेंटर में सब-इंजीनियर भर्ती परीक्षा:परीक्षा केंद्रों में लगाए गए जैमर, जूते-बेल्ट भी उतरवाए, कड़ी सुरक्षा के बीच हुई परीक्षा

छत्तीसगढ़ व्यापमं की तरफ से आयोजित जल संसाधन विभाग के सब इंजीनियर पद भर्ती परीक्षा अंबिकापुर के पांच केंद्रों में आयोजित की गई। 14 जुलाई को बिलासपुर में हाईटेक नकल प्रकरण के सामने आने के बाद सभी परीक्षा केंद्रों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। परीक्षार्थियों को कड़ी जांच के बाद प्रवेश दिया गया। दरअसल, अंबिकापुर के पांच परीक्षा केंद्रों पीजी कॉलेज, गर्ल्स कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज, मल्टीपरपज स्कूल और गर्ल्स स्कूल में परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों को दो घंटे पहले ही परीक्षा केंद्रों में बुला लिया गया। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले उनकी मेटल डिटेक्टर से जांच की गई। उनके बेल्ट भी उतरवा दिए और सामानों को बाहर ही रखवा दिया गया। डार्क कपड़े पहनने पर रोका सभी परीक्षा केंद्रों में परीक्षार्थियों को डार्क कपड़ों में प्रवेश करने से रोक दिया गया। जो परीक्षार्थी डार्क कपड़े पहनकर केंद्रों में पहुंचे। उन्हें बाहर ही रोक दिया गया। आसपास के दुकानों से सफेद शर्ट, टी शर्ट और लड़कियों को सफेद या हल्के रंग का कुर्ता खरीदकर पहनकर आने की सलाह दी गई। कई परीक्षार्थी परीक्षा के पहले कपड़ों की खरीदी करते रहे। परीक्षा केंद्रों में जैमर, जूता भी उतरवाया एग्जाम सेंटर में जूते पहन कर प्रवेश प्रतिबंधित था। परीक्षार्थियों को पहले ही जूते न पहनकर आने की हिदायत दी गई थी। जो परीक्षार्थी जूते पहनकर पहुंचे, उनका जूता उतरवा दिया गया। परीक्षा केंद्र में मोबाइल, घड़ी, टोपी, स्कार्फ ले जाना भी प्रतिबंधित किया गया। महिला परीक्षार्थियों की जांच के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी। यहां तक की कान में किसी भी प्रकार के आभूषण पहनने पर रोक लगा दी गई। परीक्षार्थी अपने बैग भी केंद्र में नहीं रख पाए। हाईटेक नकल पर रोक लगाने सभी केंद्रों में जैमर लगाए गए थे। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों में पुलिस बल भी तैनात रहे। महिला पुलिस कर्मी जांच करने तैनात रहे। परीक्षा प्रारंभ होने के बाद इन दोनों पुलिस कर्मी में से एक-एक पुलिस कर्मी बारी-बारी से परीक्षा केंद्र के परिसर और परीक्षा केंद्र के बाहर गश्त करते नजर आए। कठिन सवालों में उलझे परीक्षार्थी भर्ती परीक्षा के 100 अंकों के प्रश्न पत्र में 90 प्रतिशत सैद्धांतिक और 10 प्रतिशत संख्यात्मक प्रश्न थे। परीक्षार्थियों के अनुसार 75 प्रतिशत टेक्निकल और 25 प्रतिशत नॉन-टेक्निकल प्रश्न पूछे गए। प्रश्न पत्र में चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनना था, लेकिन प्रश्नों की जटिलता के कारण परीक्षार्थियों को एक-एक प्रश्न को पढ़ने में काफी समय लगा। 1985 परीक्षार्थियों में 471 गैरहाजिर अंबिकापुर के पांच परीक्षा केंद्रों में 1985 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 1513 परीक्षार्थी आज उपस्थित रहे। वहीं 472 परीक्षार्थियों ने परीक्षा नहीं दी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *