अंबिकापुर में रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर के निवास पर चंगाई सभा का आयोजन करने की सूचना पर हिंदुवादी संगठनों के लोग मौके पर पहुंचे और आपत्ति जताई। चंगाई सभा में करीब 60 की संख्या में लोग जुटे थे। हिंदुवादी संगठनों ने धर्मांतरण करने का आरोप लगाया तो पुलिस मौके पर पहुंची। पूर्व डिप्टी कलेक्टर सहित कुछ पास्टरों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर लिया है। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, रविवार को नमनाकला निवासी रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर ओमेगा टोप्पो के घर चंगाई सभा का आयोजन किए जाने की सूचना पर हिंदुवादी संगठनों के लोग मौके पर पहुंचे। ओमेगा टोप्पो के घर के आगे सड़क पर बड़ी संख्या में गाड़ियां खड़ी थीं और मार्ग भी जाम हो गया था। ओमेगा टोप्पो के घर कथित चंगाई सभा में करीब 60 से अधिक लोग जुटे थे। इसमें कुछ हिंदू धर्म मानने वाले भी थे। हिंदुवादी संगठनों के लोगों ने दर्ज कराई शिकायत
मामले की सूचना पुलिस को दी गई तो गांधीनगर पुलिस मौके पर पहुंची। हिंदुवादी संगठनों के लोगों ने आरोप लगाया कि चंगाई सभा के नाम पर हिंदु धर्म के भोले-भाले लोगों को एकत्र कर उनका धर्मांतरण कराया जा रहा है। ओमेगा टोप्पो इस तरह से धर्मांतरण कराने में लिप्त रही हैं। हिंदुवादी संगठनों ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट ने एक आदेश में स्पष्ट किया है कि किसी घर में इस तरह के धार्मिक अनुष्ठान बिना पूर्व अनुमति के नहीं की जा सकती। ओमेगा टोप्पो के घर लंबे समय से हर रविवार इस तरह की चंगाई सभा आयोजित की जाती है। पुलिस को भी रोका, रजिस्टर में होती थी एंट्री
शिकायत पर मौके पर पहुंची पुलिस को भी अंदर आयोजन स्थल पर जाने से रोक दिया गया। आयोजकों ने कहा कि अंदर आराधना हो रही है। आराधना के बाद ही पुलिस अंदर जा सकती है। पुलिस ने चंगाई सभा में शामिल लोगों की जानकारी मांगी तो एक रजिस्टर दिखाया गया, जिसमें आयोजन में शामिल होने वाले लोगों का नाम दर्ज था। बताया गया कि आयोजन में शामिल होने वालों को हस्ताक्षर के बाद ही अंदर जाने की अनुमति दी जाती है। रजिस्टर में विभिन्न दिनों में आयोजित चंगाई सभा एवं उसमें शामिल होने वाले लोगों की भी जानकारी दर्ज है। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। पुलिस ने दर्ज की FIR
मामले में गांधीनगर पुलिस ने ओमेगा टोप्पो सहित कुछ पास्टरों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि हिंदुवादी संगठनों के लिखित आवेदन पर पुलिस ने छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वातंत्रय अधिनियम की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है।


