सरगुजा संभाग में छाया कोहरा,पाट क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 3°C:घने कोहरे के कारण विजिबिलीटी 10 मीटर से भी कम,वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक

उत्तर छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड के साथ सोमवार को फिर से घना कोहरा छाया रहा। सुबह 9 बजे तक सड़कों पर कोहरे के कारण वाहनों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। पिछले 24 घंटे में अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान गिरकर 5.8 डिग्री पहुंच गया। न्यूनतम तापमान में करीब 1 डिग्री की बढ़ोत्तरी हुई है। कोहरे के कारण विजिबिलिटी घटकर 10 मीटर से भी कम रह गई। वहीं पाट क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 3 से 4 डिग्री के आसपास बना हुआ है। सरगुजा में शीतलहर के कारण पाट से लेकर मैदानी इलाकों तक कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मौसम में आद्रता बढ़ने के कारण सोमवार को भी घना कोहरा छाया रहा। बीती रात से सड़कों पर धुंध छाने लगा। सुबह 9 तक पूरे संभाग में घना कोहरा छाया रहा। इस दौरान विजिबिलीटी घटकर 10 मीटर से भी कम रह गई। न्यूनतम तापमान बढ़ते ही छाया कोहरा
सरगुजा संभाग में शीतलहरों के कारण कड़ाके की ठंड पड़ रही है। रविवार को पाट क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान गिरकर 1.5 डिग्री तक पहुंच गया था। पाट से लेकर मैदानी इलाकों तक जमकर पाले पड़े थे। पिछले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में करीब 1 से 1.5 डिग्री की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। मैनपाट में सोमवार को न्यूनतम तापमान 3 डिग्री दर्ज किया गया है। अंबिकापुर में भी सोमवार को न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री दर्ज किया गया है। रविवार को न्यूनतम तापमान गिरकर 4.6 डिग्री तक पहुंच गया था। न्यूनतम तापमान में आई बढ़ोत्तरी के बाद घना कोहरा दिखा। सोमवार को अधिकतम तापमान भी 23.3 डिग्री दर्ज किया गया है। शीतलहरों का जारी रहेगा असर
उत्तर छत्तीसगढ़ में उत्तरी शीतलहर के कारण सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ने का पूर्वानुमान है। मौसम वैज्ञानिक एएम भट्ट ने कहा कि वर्तमान में उत्तरी शीतलहरें तेजी से प्रवेश कर रही हैं। पिछले कुछ दिनों से न्यूनतम तापमान 6 डिग्री के आसपास बना हुआ था। रविवार को न्यूनतम तापमान गिरकर 5 डिग्री के नीचे चला गया था। हालांकि न्यूनतम तापमान में सोमवार को कुछ बढ़ोत्तरी हुई है, लेकिन शीतलहरों के कारण न्यूनतम तापमान 5 से 6 डिग्री के आसपास बने रहने का अनुमान है। ठंड ने दिन में भी ठिठुराया
सरगुजा संभाग के पाट क्षेत्रों से लेकर मैदानों तक शीतलहरें ठिठुरा रही है। लोग दिन में भी गर्म कपड़ों में नजर आ रहे हैं। पाट क्षेत्रों में शाम ढलते ही सन्नाटा पसर जा रहा है। कड़ाके की ठंड के कारण लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है।

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