उत्तरी छत्तीसगढ़ में शीतलहरों के कारण कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पिछले 24 घंटों में बलरामपुर का न्यूनतम तापमान 3 डिग्री दर्ज किया गया है। वहीं पाट इलाकों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री के बीच दर्ज किया गया है। पाट से लेकर कुछ मैदानी इलाकों में भी पाले पड़े हैं। मौसम विभाग ने छह जिलों में शीतलहर के लिए अलर्ट जारी किया है। शीतलहरों के कारण सरगुजा संभाग के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। गुरुवार को अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री दर्ज किया गया है। बुधवार को अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री दर्ज किया गया था। वहीं दिन में धूप के बावजूद अधिकतम तापमान में ज्यादा बढ़ोत्तरी नहीं हो सकी है। दिन में भी शीतलहरों का असर होने के कारण अधिकतम तापमान 23 डिग्री से नीचे बना हुआ है। पाट से लेकर मैदानी इलाकों में भी पाले
संभाग के सभी पाट क्षेत्रों के साथ बलरामपुर जिले के मैदानी इलाकों में गुरुवार को भी पाले पड़े हैं। पाट क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिर जाने के कारण जमकर पाला पड़ रहा है। मैदानी इलाकों में भी न्यूनतम तापमान 3 डिग्री तक गिर जाने के कारण ओंस की बूंदें जमने लगी हैं। बलरामपुर के सामरी पाट एवं कोरिया जिले के सोनहत में भी लगातार पाला पड़ रहा है। मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग ने सरगुजा संभाग के सरगुजा, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया एवं एमसीबी जिलों में शीतलहरों के लिए अलर्ट जारी किया है। शीतलहरों के कारण आगामी तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने के आसार हैं। मकर संक्रांति के बाद अधिकतम तापमान में कुछ बढ़ोत्तरी हो सकती है, लेकिन रातें अभी ठंडी होने का पूर्वानुमान है।
मौसम विज्ञानी एएम भट्ट ने बताया कि उत्तरी शीतलहरें मौसम साफ होने के कारण तेजी से प्रवेश कर रही हैं। इस कारण कड़ाके की ठंड पड़ रही है। तापमान में ज्यादा गिरावट के कारण फिलहाल कोहरा नहीं दिख रहा है। जनजीवन हो रहा प्रभावित
सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। शाम होते ही शीतलहरें कंपकपाने लगती है। इस कारण शाम ढलते ही ग्रामीण इलाकों में सन्नाटा पसर जा रहा है।
कड़ाके की ठंड के कारण सुबह की पाली में स्कूली बच्चे भी ठिठुरते हुए स्कूल पहुंच रहे हैं। सरगुजा संभाग में जनवरी माह में कड़ाके की ठंड पड़ती है। फरवरी के पहले सप्ताह से ठंड से राहत की उम्मीद है।


