धार जिले के सरदारपुर सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रतिदिन 300 से अधिक मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं, ऐसे में मरीजों को बेहतर और समय पर सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अस्पताल के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। शनिवार को मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी (सीबीएमओ) डॉ. शीला मुजाल्दा ने सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अस्पताल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों को समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहने और अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं। अनुपस्थित या कार्य में लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। बिजली व्यवस्था दुरुस्त, एक्स-रे अब नहीं होगा बाधित
निरीक्षण में सामने आया कि बिजली गुल होने पर एक्स-रे जैसी जरूरी सेवाएं प्रभावित हो जाती थीं। इस समस्या को दूर करते हुए अब अस्पताल में इन्वर्टर की व्यवस्था कर दी गई है, जिससे एक्स-रे मशीन निर्बाध रूप से संचालित हो सकेगी और मरीजों को राहत मिलेगी। जल्द मिलेगी सोनोग्राफी की सुविधा
डॉ. मुजाल्दा ने बताया कि सिविल अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन शुरू करने के लिए वरिष्ठ कार्यालय को प्रस्ताव भेज दिया गया है। अनुमति मिलते ही मरीजों को सरदारपुर में ही सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी, जिससे उन्हें निजी संस्थानों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हब लैब और स्टाफ व्यवस्था पर भी फोकस
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में हब लैब स्थापित करने की योजना की भी समीक्षा की गई। यह लैब साइंस हाउस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित की जाएगी। राज्य स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद अमझेरा से लैब को सरदारपुर स्थानांतरित किया जाएगा। इसके साथ ही विकासखंड के 18 उप स्वास्थ्य केंद्रों में एएनएम के रिक्त पदों को भरने के लिए वरिष्ठ कार्यालय को अवगत कराया गया है। प्रसूति सेवाएं और राष्ट्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा
सीबीएमओ ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 20 प्रसव हो रहे हैं और गर्भवती महिलाओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। 80 प्रतिशत से अधिक गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण हो चुका है। जिन उप स्वास्थ्य केंद्रों का पंजीकरण लक्ष्य कम है, उन्हें शीघ्र लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, प्रत्येक बुधवार को सरदारपुर और अमझेरा में नसबंदी शिविर आयोजित किए जाएंगे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सकों को समय पर ओपीडी संचालित करने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की रिपोर्टिंग पोर्टल पर नियमित रूप से दर्ज करने के निर्देश भी निरीक्षण के दौरान दिए गए। निरीक्षण के माध्यम से अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा कर खामियों को दूर करने और आने वाले दिनों में मरीजों को और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।


