इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद धार जिले के सरदारपुर नगर में पेयजल आपूर्ति को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। सरदारपुर के शालिनी मार्ग क्षेत्र में करीब एक सप्ताह से नलों में गंदा पानी आ रहा है। नगर परिषद ने इस पर समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की थी। स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्होंने गंदे पानी की शिकायत नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को पहले ही कर दी थी। इसके बावजूद अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इंदौर के बाद खुदाई का काम शुरू किया
इंदौर की घटना के बाद ही नगर परिषद हरकत में आई। इसके बाद शालिनी मार्ग में पेयजल पाइपलाइन में लीकेज का पता लगाने के लिए खुदाई का काम शुरू किया गया। शालिनी मार्ग वार्ड क्रमांक 6 में आता है। इस वार्ड की पार्षद रेशमा परवेज लोदी के प्रतिनिधि परवेज लोदी ने बताया कि उन्होंने 21 दिसंबर को ही नलों से आ रहे गंदे पानी का वीडियो नगर परिषद सीएमओ को भेजा था, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं हुई। पिछले तीन दिनों से लीकेज ढूंढने का काम जारी है, हालांकि गुरुवार शाम तक भी लीकेज का पता नहीं चल सका था। लोगों को नल का पानी पीने से मना किया
गंदे पानी की आपूर्ति के कारण क्षेत्र के लोग बाजार से पानी खरीदने या ट्यूबवेल और अन्य सुरक्षित स्थानों से पानी लाने को मजबूर हैं। आशंका जताई जा रही है कि पेयजल लाइन में नाली या सीवरेज का पानी मिल रहा है। स्थानीय लोगों ने अमृत-2 योजना के तहत डाली गई पाइपलाइन के काम की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। नगर परिषद सीएमओ यशवंत शुक्ला ने बताया कि लीकेज तलाशने का काम लगातार जारी है और जल्द ही इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। उन्होंने फिलहाल लोगों को नल का पानी पीने से मना किया है।


