सराफा चौपाटी में शनिवार रात उमड़ी भीड़:टकारते हुए ही चले लोग, MIC मेंबर ने दुकानदार से कहा- बचपन में सराफा में खाए थे क्या वेज पुलाव

इंदौर के सराफा में लगने वाली रात्रिकालीन चौपाटी में अब 69 दुकानें ही लग रही हैं। सभी दुकानों को उनके स्टॉल नंबर भी अलाट कर दिए हैं। चौपाटी पर शनिवार रात को भी व्यंजनों के शौकीन लोगों की भीड़ उमड़ी। दुकानों की संख्या कम करने के बाद भी यहां का नजारा पहले जैसा ही था। लोग रास्ते पर टकराते हुए ही चल रहे थे। भारी भीड़ के बीच धीरे-धीरे लोग आगे बढ़ रहे थे। जिसे जहां जगह मिल रही थी वह वहीं कोने में खड़ा होकर व्यंजनों का लुत्फ उठाते नजर आया। सराफा चौपाटी में आने वाले रास्तों पर नगर निगम की टीम भी मौजूद थी। जिन लोगों को स्टॉल नंबर दिए हैं, उन्हें ही दुकान लगाने के लिए एंट्री दी गई। अलग-अलग शहरों से आए लोगों ने दी अपनी राय यहां हर प्रकार का टेस्ट होना चाहिए जबलपुर से इंदौर आए हाईकोर्ट एडवोकेट अंकित श्रीवास्तव ने बताया कि यहां के बारे में बहुत सुना था कि यहां की खाने की चीजें बहुत फेमस है, बस यहां वही स्वाद लेने आए हैं। उन्होंने चौपाटी में कचोरी, आईसक्रीम, पावभाजी के बारे में सुना था। चाइनीज व्यंजन की दुकानें हटाने को लेकर उन्होंने कहा कि सही नहीं किया गया है। यहां हर उम्र के लोग हैं। मेरे हिसाब से यहां हर प्रकार का टेस्ट होना चाहिए। चाइनीज आयटम भी अब ख्यात हो गए हैं, नहीं होने से बच्चों के चेहरे उतरे हुए हैं। खाने के लिए इतनी भीड़ पहली बार देखी बड़ोदा से आए नौकरीपेशा राकेश शाह ने बताया कि हम सराफा चौपाटी में ये सुनकर आए थे कि यहां पर रात 2 बजे तक खाना मिलता है। फ्रेश और स्वादिष्ट खाना मिलता है। पहली बार यहां आए हैं बहुत अच्छा अनुभव हुआ है। यहां लोगों को खाने को लेकर जोश नजर आता है। हमने इंडिया में किसी कोने में नहीं दिखा कि इतनी ज्यादा भीड़ खाने के लिए लगी हो वह भी रात में। यहां पैर रखने की जगह नहीं है, आपको इंतजार करना पड़ता है। किसी भी शॉप पर कस्टमर की कमी नहीं है। चाइनीज फूड दुकानों को लेकर कहा कि खाने-पीने के लिए सभी को एक जैसा मौका मिलना चाहिए। सराफा का माहौल देखकर मजा आ गया रतलाम से परिवार के साथ आए बिजनेसमैन अर्पित जैन ने बताया कि सराफा और इंदौर के बारे में काफी कुछ सुन रखा था। आज देख भी लिया। जैसा नाम है वैसा काम है। टेस्ट को जैसा होता है वैसा ही है, मगर यहां का क्राउड बहुत अच्छा है। युवा यहां काफी संख्या में हैं। हम यहां का माहौल देखने के हिसाब से ही आए हैं। पहली बार आए हैं, आकर यहां अच्छा लगा है। चाइनीज स्टॉल को लेकर कहा कि अगर कोई अवैध होगा तो हम उसका समर्थन करेंगे। इंदौर महानगर है तो, महानगर के हिसाब से काम होना चाहिए। बचपन में आते थे तो वेज पुलाव खाया था क्या ? शनिवार रात को एमआईसी मेंबर निरंजन सिंह चौहान गुड्‌डू भी सराफा चौपाटी का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां उन्होंने दुकानों का निरीक्षण किया और कई दुकानदारों से चर्चा कर उन्हें समझाइश भी दी। इस दौरान वे एक वेज पुलाव-पावभाजी की दुकान पर पहुंचे। उन्होंने वेज पुलाव को लेकर कहा कि तुम्हारी दुकान बंद ही कर देंगे। मैं तो आपसे ही पूछ रहा हूं कि कभी बचपन में सराफा में वेज पुलाव खाए थे क्या? जो बेच रहे थे उन्हें हटाया अब आप ही बेच रहे हो। नहीं मानेंगे तो लाइसेंस निरस्त करेंगे उन्होंने कहा कि सराफा चौपाटी हमारी धरोहर है, देश-दुनिया से कोई यहां आता है तो कहता है कि सराफा चौपाटी ले चलो। सराफा चौपाटी को मूल स्वरूप में लाने की कोशिश की है, उसे ही देखने आए हैं। इसके बाद भी अगर यहां चाइनीज आयटम बेचे जाएंगे तो उन दुकानों का नाम भी सूची में से हटाया जाएगा। 69 दुकानों के नाम चौपाटी एसोसिएशन और सराफा व्यापारी एसोसिएशन ने तय किए हैं। इनमें भी जिनकी शिकायतें मिल रही हैं, कुछ दुकानें अभी की हैं। अगर पुराने में भी कोई दुकान रह गई होगी तो वे लोग हमें प्रतिवेदन देंगे हम उसकी जांच करेंगे उसके बाद उन्हें परमिशन देंगे। आज भी कुछ लोग पिज्जा-बर्गर बेच रहे हैं उन्हें बंद कराएंगे, नहीं मानेंगे तो उनके लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। नेता प्रतिपक्ष के आरोप पर हंसी भी आती है नगर निगम नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे के आरोप पर चौहान ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का काम तो आरोप लगाना है। उन्होंने तो कहा चौपाटी हटा दो, मगर ये चौपाटी दुनियाभर में प्रसिद्ध। बाहर से आने वाले व्यक्ति अगर खाने-पीने की बात करता है तो सराफा चौपाटी और छप्पन दुकान के ही नाम आते हैं। नेता प्रतिपक्ष के आरोप पर हंसी भी आती है, क्योंकि ये दुकानों की सूची यहीं के लोगों ने बनाई है। स्टॉल पर गैस टंकी से होने वाले काम को लेकर कहा कि हम इसका विकल्प भी देख रहे हैं कि इलेक्ट्रिक चीज हो जाए, जिससे वे अपना व्यापार भी कर सकें।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *