मकर संक्रांति के बाद शादियों का सीजन शुरू होते ही सोने-चांदी की कीमतों में तेजी आने की उम्मीद है। सोना में एक बार फिर 80 हजार को छूने की संभावना नजर आ रही है। वहीं, चांदी भी 90 हजार को पार कर सकती है। ग्राहकी निकलने से दोनों धातुओं में आगे कीमत बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, उज्जैन और रतलाम में चांदी 90 हजार को पार कर गई। सराफा बाजारों में ग्राहकी ठीक-ठाक है। इस महीने के दूसरे पखवाड़े में शादियों का सीजन शुरू हो जाएगा तो बंपर ग्राहकी की उम्मीद है। हालांकि पश्चिमी देशों में आज से वॉल्यूम बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। भारत के संसद में पेश होने वाले आगामी बजट को लेकर सोने एवं चांदी की इम्पोर्ट ड्यूटी को लेकर तरह-तरह की अफवाहों का दौर अभी से शुरू हो गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोमवार को सोने की कीमत 2632 डॉलर तक जाने के बाद ऊपर में 2647 डॉलर नीचे में 2625 डॉलर प्रति औंस और चांदी 29.75 सेंट ऊपर में 29.79 नीचे में 29.39 डॉलर प्रति सेंट पर कारोबार करता देखी गई। इंदौर के बंद भाव इंदौर में सोना केडबरी रवा नकद में 79000 सोना (आरटीजीएस) 79000 सोना (91.60 कैरेट) 72400 रुपए प्रति दस ग्राम बोला गया। शनिवार को सोना 79050 रुपए पर बंद हुआ था। चांदी चौरसा नगद 89800 चांदी चौरसा आरटीजीएस में 89800 चांदी टंच 89900 रुपए प्रति किलो और सिक्का 1040 रुपए प्रति नग के भाव पर बिका। शनिवार को चांदी चौरसा नगद 89300 रुपए के भाव पर बिका। उज्जैन एवं रतलाम सराफा उज्जैन में सोना केडबरी 79200 सोना (22 कैरेट) 72500 रुपए प्रति दस ग्राम और चांदी 90300 रुपए प्रति किलो बोला गया। रतलाम में सोना केडबरी 79300 रुपए प्रति दस ग्राम और चांदी 91350 रुपए प्रति किलो बोला गया। आलू-प्याज मंडी- आलू की आवक बढ़ी, प्याज के भाव नरम इंदौर की थोक मंडी में आलू की आवक बढ़कर 40 हजार बोरी तक पहुंच गई। आलू के भाव ऊपर में नरम पड़ कर 2700 रुपए क्विंटल बिका। प्याज के दाम भी 100-200 रुपए नरम पड़े। प्याज ऊपर में 2300 रुपए बिका। प्याज की आवक 30 हजार बोरी रही। लहसुन की आवक 8 हजार बोरी तक रही। भाव स्थिर रहे। बेस्ट क्वालिटी लहसुन भी 22000 तक बिकी। मंडी भाव:- प्याज बेस्ट 2100-2300, एवरेज 1600-1900, गोल्टा 1000-1400, गोल्टी 900 से 1100, आलू बेस्ट चिप्स 2500-2700, राशन 1400-1700, ज्योति 1500-1600, गुल्ला 700-800, लहसुन ऊंटी 21000-22000, बोल्ड 18000-20000, मीडियम 14000-17000, बारीक 10000-13000 रुपए क्विंटल। मंडियों में कपास की आवक 8 हजार गांठ बढ़ी, सीड में 100 रुपए की तेजी मध्यप्रदेश की मंडियों में कपास की आवक में 8000 गांठ की तेजी दर्ज की गई है। इस तेजी के बावजूद कपास के भाव स्थिर बने हुए हैं। पिछले सप्ताह के दौरान मध्यप्रदेश की मंडियों में कपास की आवक 72000 से 78000 गांठ की दर्ज की गई थी। मांग निकलने से कॉटन सीड में तेजी है। कॉटन कैंडी में भी मजबूती रही। नए कपास की आवक 16000 (+8000) से 17000 (+8000) गांठ (एक गांठ =170 किलोग्राम) की रही। सीमित कारोबार के चलते कपास के भाव 6000 से 7300 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर है। वही कॉटन सीड में मांग बरकरार है। शनिवार को आई 50 से 100 रुपए की तेजी के बाद भी कॉटन सीड की कीमतों में 100 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई है। प्रदेश की मंडियों में कॉटन सीड के भाव 3050 (+100) से 3350 (+100) रुपए प्रति क्विंटल रहे। मप्र में 9 फीसदी नमी वाले 73 और 75 आरडी कॉटन कैंडी के भाव में निचले स्तर पर 100 और ऊपर के स्तर पर 200 रुपए की तेजी रही। मंडियों में 73 आरडी कॉटन के भाव निचले स्तर पर 52500 (+100) से 53000 (+200) प्रति कैंडी (1 कैंडी=356 किलोग्राम) पर है। वहीं 9 फीसदी नमी युक्त 75 आरडी कॉटन के भाव 53500(+100) से 54000(+200) रुपए प्रति कैंडी पर हैं। पिछले सप्ताह 73 आरडी कॉटन कैंडी की कीमतों में निचले स्तर पर 100 और ऊपर के स्तर पर 200 रुपए का उछाल आया था। इसी प्रकार 75 आरडी कैंडी की कीमत गत सप्ताह के दौरान 200 रुपए बढ़ गई थी। मप्र की स्थिति आवक: 16000 (+8000) से 17000 (+8000) गांठ
कपास (नई) : 6000 से 7300
कॉटन सीड (नया) : 3050 (+100) से 3350 (+100) (नमी के अनुसार)
73 आरडी नया (9 फीसदी नमीयुक्त) : 52500 (+100) से 53000 (+200)
75 आरडी नया (9 फीसदी नमीयुक्त) : 53500 (+100) से 54000 (+200) महंगाई से थोड़ी राहत; तुवर दाल में 300 रुपए की गिरावट, आगे भी मंदी जारी रहने की संभावना तुवर में 200 से 300 रुपए क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। तुवर में आगे भी मंदी जारी रहने की उम्मीद नजर आ रही है। इससे आम उपभोक्ता को बढ़ती महंगाई से थोड़ी राहत मिलेगी। वहीं, व्यापारियों का कहना है कि आयातकों की बिकवाली भी अच्छी है। ऐसे में तुवर में आवक का दबाव बना ही रहेगा। लिहाजा निकट भविष्य में तेजी नजर नहीं आ रही है। हालांकि देसी तुवर की तुलना में आयातित तुवर के दाम ही ज्यादा टूट रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि 14 जनवरी से आसपास शादियों का सीजन शुरू होने से तुवर दाल में मांग का दबाव बढ़ेगा। इसके बाद बाजार में करेक्शन आ सकता है। तुवर नई महाराष्ट्र सफेद 7700-7900, महाराष्ट्र लाल 7900-8000, कर्नाटक 8100-8200 नई निमाड़ी 7000-7500 रुपये प्रति क्विंटल रह गई। आयातित तुवर दाल में भी कारोबार बेहद सुस्त होने से करीब 500 रुपए की गिरावट रही। वहीं उड़द मोगर में भी कामकाज सुस्त रहने से 100 रुपए घटाकर बोले गए। कर्नाटक राज्य सरकार द्वारा 06 जनवरी से 7550 प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर तुवर की खरीदी के लिए किसानों का रजिस्ट्रेशन शुरू होने की जानकारी आ रही है। इधर, चना कांटे में भी अपेक्षित ग्राहकी नहीं होने से भाव घटाकर बोले गए। चना कांटा घटकर 6600-6650 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। व्यापारियों का कहना है कि चना कांटे में अगले सप्ताह से मिलर्स की मांग बढ़ने की संभावना है। बाजार ज्यादा टूटने की गुंजाइश नहीं है। काबुली चने में फिलहाल कारोबार कमजोर रहा लेकिन आगे निर्यातकों की मांग बढ़ने पर बाजार मजबूत हो सकते हैं। अन्य दाल-दलहन में कारोबार सामान्य रहा। भाव में कोई खास परिवर्तन नहीं रहा। कंटेनर में डालर चना 42/44 13600, 44/46 13300, 50/52 12300, 58/60 11300 60/62 11 200, रुपये प्रति क्विंटल भाव बताए गए। दलहन-
चना कांटा 6600-6650 विशाल 6350 डंकी चना 5600-5800 मसूर 6000 तुवर नई महाराष्ट्र सफेद 7700-7900
महाराष्ट्र लाल 7900-8000, कर्नाटक 8100-8200 नई निमाड़ी 7000-7500 मूंग गर्मी 8000-8300 एवरेज 7200-7700
मूंग बोल्ड बारिश 7800-8300 उड़द बेस्ट 8300-8800 उड़द मीडियम 6500-7800 हलका 3000-5000 रुपये प्रति क्विटंल। इंदौर में चावल के भाव
व्यापारी दयालदास अजीतकुमार छावनी के अनुसार बासमती (921) 10500-11500, तिबार 9000-10000, बासमती दुबार पोनिया 8000-8500, मिनी दुबार 7000-7500, मोगरा 4500-6500, बासमती सेला 6500-9000 कालीमूंछ डिनरकिंग 8500, राजभोग 7000, दुबराज 4000-4500, परमल 3400-3500, हंसा सेला 3500-3700, हंसा सफेद 2900-3100, पोहा 4500-5100 रु. क्विंटल के दाम रहे।


