प्रदेश में एसीबी के पेंडिंग केसाें काे लेकर विधायक कालीचरण सराफ पर कांग्रेस ने विधानसभा में अपनी ही सरकार काे घेरने का आराेप लगा। कांग्रेसी नेताओ ने बाहर आकर कहा कि सराफ अपनी सरकार से नाराज है और इसी वजह से वाे भी सरकार काे घेरने में जुटे हैं। सवाल : आपने एसीबी के बहाने अपनी ही सरकार को घेरा ? जवाब : सरकार में कोई कमी नहीं, अफसरों की लापरवाही रही सवाल : कांग्रेस का आराेप है कि मंत्री नहीं बनाने से आप भी नाराज चल रहे हैं ?
जवाब : कांग्रेस विधायकाें के पास मुद्दे ही नहीं है। फालतू में कुछ भी बाेलते रहते हैं। हमारी सरकार अच्छा काम कर रही है। अफसराें के स्तर पर काेई त्रुटि या कमी रहेगी ताे सदन में बाेलना ही पड़ता है। इसमें खिलाफ वाली क्या बात है। सवाल : सरकारी तर्क है कि एसीबी पेंडिंग केस में कैबिनेट सब कमेटी का प्रावधान नहीं, आपकी ये मांग सही या गलत?
जवाब : हमारी सरकार की भ्रष्टाचार पर जीराे टाॅलरेंस की नीति है। हमें भ्रष्टाें और भ्रष्ट अफसराें के खिलाफ खड़ा हाेना ही पड़ेगा। कानून बनाने का अधिकार सदन के पास ही सुरक्षित है। ऐसे में ये नीति भी बन जाएं। इसमें गलत क्या है। सवाल : एसीबी से जुड़े पेंडिंग केसाें में कैबिनेट सब कमेटी बनने से मामला राजनीतिक ताे नहीं हाे जाएगा?
जवाब : पेंडिंग केसाें की संख्या 16 – 16 वर्षाें से अधिक है। भ्रष्टाें पर एक्शन हाेना ही चाहिए। इसे राजनीतिक दृष्टि से नहीं देंखे। ऐसा हुआ ताे सरकारी सिस्टम में निखार आएगा। जनता का हमारे प्रति और विश्वास बढ़ेगा। सवाल : आपने विधानसभा सचिवालय में आपत्ति दर्ज कराकर किसी पर कार्रवाई की मांग रखी क्या ?
जवाब : ये बात ताे विधानसभा सचिवालय को मैं बता चुका हूं। वहां सबकुछ रिकार्ड में है। मैं खुद का पक्ष ताे रख ही चुका हूं।


