भास्कर न्यूज| सरायकेला जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव मतदान के बाद असफल हो गया है। गुरुवार की शाम उपायुक्त की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में हुई। मतदान प्रक्रिया में जिला परिषद उपाध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में कुल 9 वोट पड़े, जबकि उपाध्यक्ष मधुश्री के पक्ष में कुल 14 वोट पड़े। वोटिंग शुरू होने से पहले उपाध्यक्ष मधुश्री महतो को अपनी सफाई पेश करने के लिए दो मिनट का समय दिया गया। उन्होंने अपने पक्ष में तर्क रखते हुए क्षेत्र भ्रमण न करने और योजनाओं में रुचि न लेने जैसे आरोपों को खारिज किया। मधुश्री महतो पर क्षेत्रीय भ्रमण न करने, विकास योजनाओं में रुचि न लेने और उनके सुचारू क्रियान्वयन में असफल रहने का आरोप था। जबकि अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में भी कुछ जिला परिषद सदस्यों ने अपनी बात रखी। निर्वाचन आयोग के गाइडलाइन के अनुरूप समाहरणालय सभा कक्ष में मतदान हुआ, जिसमें उपयुक्त रवि शंकर शुक्ला इस निर्वाचित पदाधिकारी के रूप में उपस्थित हुए। मतदान में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए जिला कुल 25 परिषद सदस्य एवं प्रमुख इस मतदान प्रक्रिया में शामिल हुए। उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला ने कहा कि कुल 23 मत वैध पाए गए जबकि दो मत अवैध थे। कुल मिलाकर मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण संपन्न हुई। जिला परिषद सदस्य शंभू मंडल ने मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें जिले के प्रमुख, उपप्रमुख, सांसद और विधायकों को शामिल किया गया, जो नियम संगत नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने निवर्तमान उपाध्यक्ष मधुश्री महतो को अपनी जीत पर शुभकामनाएं दीं। मतदान के नतीजे ने स्पष्ट कर दिया कि मधुश्री महतो अपनी कुर्सी बचाने में सफल रही हैं। इस जीत के बाद उन्होंने समर्थकों और जिला परिषद सदस्यों का आभार व्यक्त किया। यह परिणाम जिला परिषद के राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ देगा और भविष्य में उपाध्यक्ष के कार्यशैली पर नजरें बनी रहेंगी।


